ओरमांझी के उकरीद स्थित तरंगनी लीकर्स पर कार्रवाई, जांच में लाइसेंसी परिसर में कथित अवैध शराब निर्माण और स्टॉक छिपाने का मामला आया सामने

रांची: राजधानी रांची से सटे ओरमांझी इलाके में शराब प्लांट को लेकर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने उकरीद स्थित मेसर्स तरंगनी लीकर्स प्राइवेट लिमिटेड बॉटलिंग प्लांट का लाइसेंस रद्द कर दिया है। यह प्लांट बिहार के पूर्व RJD MLC सुबोध कुमार राय से जुड़ा बताया जा रहा है।
प्रशासन की ओर से यह कार्रवाई उत्पाद विभाग की जांच और मामले में सामने आए तथ्यों के आधार पर की गयी है। अधिकारियों के मुताबिक, लाइसेंसधारी पक्ष की ओर से दिया गया स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया, जिसके बाद उत्पाद अधिनियम के तहत लाइसेंस निरस्त करने का फैसला लिया गया।
प्लांट में कथित अवैध शराब निर्माण का आरोप
जांच के दौरान अधिकारियों को लाइसेंसी परिसर में कथित तौर पर नियमों के विपरीत व्हिस्की तैयार किए जाने और उत्पाद शुल्क से बचने के लिए गैर-पंजीकृत शराब का स्टॉक छिपाकर रखे जाने की जानकारी मिली।
मामले में आरोप लगाया गया है कि प्लांट में ‘सेल फॉर यूपी’ और ‘सेल फॉर दिल्ली’ के नाम से शराब तैयार की जा रही थी। छापेमारी के दौरान ऐसी शराब बरामद होने का भी दावा किया गया है।
तीन लोगों को भेजा गया था जेल
इस मामले में पूर्व एमएलसी सुबोध कुमार, देवेंद्र भगत और रविकांत राय को पहले गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। हालांकि, तरंगनी लीकर्स के संचालक सुबोध कुमार को बाद में जमानत मिल गयी और वह जेल से बाहर आ चुके हैं।
1 जुलाई को दर्ज हुई थी प्राथमिकी
पूरे मामले की शुरुआत प्लांट में हुई छापेमारी के बाद हुई। उत्पाद दारोगा रूपेश कुमार ने 1 जुलाई को मामले में प्राथमिकी दर्ज करायी थी। प्राथमिकी में प्लांट में कथित तौर पर अवैध तरीके से शराब तैयार करने और उसे दूसरे राज्यों में बिक्री के लिए दिखाने से जुड़े आरोप लगाए गए थे।
अब जिला प्रशासन की ओर से लाइसेंस रद्द किए जाने के बाद तरंगनी लीकर्स के संचालन पर बड़ा असर पड़ना तय माना जा रहा है। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों पर अंतिम कानूनी स्थिति संबंधित जांच और न्यायिक प्रक्रिया के परिणाम पर निर्भर करेगी।

