विदेशी यूनिवर्सिटी में दाखिला और वीजा प्रक्रिया पूरी कराने का दिया था भरोसा; पर्सनल लोन की रकम ट्रांसफर कराने का आरोप, अब EMI और लीगल नोटिस से परेशान पीड़िता

Ranchi Cyber Fraud News: विदेश में उच्च शिक्षा हासिल करने का सपना रांची की एक महिला के लिए बड़ी आर्थिक परेशानी का कारण बन गया। विदेशी विश्वविद्यालय में दाखिला, वीजा और पढ़ाई से जुड़ी प्रक्रिया पूरी कराने का भरोसा देकर मोरहाबादी क्षेत्र के चिरौंदी की रहने वाली प्रतिमा कुमारी से कथित तौर पर ₹25,22,249 की ठगी की गई। मामले को लेकर पीड़िता ने साइबर अपराध थाना में शिकायत दर्ज कराई है।
शिकायत के मुताबिक, मामला अगस्त 2025 से शुरू हुआ। मुंबई स्थित अपग्रेड एजेंसी से जुड़े बताए गए कर्मचारी महेश बर्दे ने प्रतिमा कुमारी से संपर्क किया। आरोप है कि उसने विदेश में पढ़ाई के लिए विश्वविद्यालय में एडमिशन कराने और वीजा समेत जरूरी प्रक्रियाएं पूरी कराने का भरोसा दिया। शुरुआत में पीड़िता से ₹25,000 जमा कराए गए।
प्रतिमा और उनकी बहन के नाम पर कराया गया पर्सनल लोन
इसके बाद मामला बड़ी रकम तक पहुंच गया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि प्रतिमा कुमारी और उनकी बहन संगीता कुमारी के नाम पर फाइब फाइनेंस कंपनी से करीब ₹24.97 लाख का पर्सनल लोन स्वीकृत कराया गया। पीड़िता का आरोप है कि OTP वेरिफिकेशन के जरिए लोन की पूरी रकम सीधे अपग्रेड के बैंक खाते में ट्रांसफर करा दी गई। इस दौरान उन्हें बताया गया कि कुछ महीनों तक पर्सनल लोन की EMI चुकाने के बाद इसे एजुकेशन लोन में बदल दिया जाएगा।
छह महीने बाद भी नहीं मिला एजुकेशन लोन
शिकायत के अनुसार, करीब छह महीने गुजरने के बावजूद पर्सनल लोन को एजुकेशन लोन में नहीं बदला गया। इसके बाद प्रतिमा ने संबंधित एजेंसी से संपर्क कर मामले की जानकारी मांगी। आरोप है कि इस दौरान एजेंसी की ओर से पर्सनल लोन का भुगतान खुद करने की बात कही गई और एजुकेशन लोन को लेकर पहले दिए गए भरोसे के अनुरूप कोई समाधान नहीं मिला।
EMI के लिए दबाव, लीगल नोटिस भी मिला
मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। अब संबंधित फाइनेंस कंपनी की ओर से प्रतिमा कुमारी और उनकी बहन पर पर्सनल लोन की EMI जमा करने का दबाव बनाया जा रहा है। पीड़िता के मुताबिक, उन्हें इस संबंध में लीगल नोटिस भी भेजा गया है।
पीड़िता ने बताया कि उनकी बहन पुलिस विभाग में कार्यरत हैं और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रही हैं। लोन की बड़ी रकम और लगातार EMI के दबाव के कारण परिवार की परेशानी बढ़ गई है।
साइबर हेल्पलाइन और पोर्टल पर भी शिकायत
पीड़िता ने पूरे मामले को लेकर साइबर अपराध थाना में केस दर्ज कराने के साथ राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर भी शिकायत की है। इसके अलावा साइबर क्राइम पोर्टल पर भी मामला दर्ज कराया गया है।
अब साइबर पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों और पैसों के लेन-देन से जुड़े तथ्यों की जांच करेगी। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लोन स्वीकृत कराने से लेकर रकम ट्रांसफर होने तक पूरी प्रक्रिया किस तरह हुई और इसमें किन लोगों की क्या भूमिका रही।

