भूगर्भ जल के अनधिकृत दोहन पर सख्ती, निगम ने प्रत्येक प्लांट पर लगाया 50 हजार का ऑन-स्पॉट फाइन; बिना लाइसेंस संचालन पर सील करने की चेतावनी

रांची: शहर में भूगर्भ जल के अनधिकृत इस्तेमाल और बिना लाइसेंस संचालित हो रहे RO वाटर बॉटलिंग प्लांट के खिलाफ रांची नगर निगम ने कार्रवाई तेज कर दी है। सोमवार को निगम की जलापूर्ति शाखा की टीम ने शहर के तीन RO वाटर प्लांट का निरीक्षण किया। जांच के दौरान लाइसेंस नहीं मिलने पर तीनों संचालकों पर कार्रवाई करते हुए कुल 1.50 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया।
नगर निगम की टीम ने गो जल, मोरहाबादी सरना टोली, मां पानी सर्विस, चिरौंदी-बोड़ेया रोड और आरवी RO वाटर, कुसुम बिहार मोरहाबादी स्थित प्लांट की जांच की। जांच में तीनों प्लांट के पास संचालन के लिए जरूरी लाइसेंस नहीं पाया गया। इसके बाद निगम ने प्रत्येक प्लांट संचालक से 50-50 हजार रुपये का ऑन-स्पॉट जुर्माना वसूला।
लाइसेंस के लिए इन दस्तावेजों की जरूरत
नगर निगम ने शहर के सभी RO वाटर बॉटलिंग प्लांट संचालकों को नए नियमों के तहत लाइसेंस लेने का निर्देश दिया है। इसके लिए आवेदक को आधार कार्ड, कंपनी या फर्म का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, बिजली बिल और होल्डिंग टैक्स की रसीद जैसे दस्तावेज जमा करने होंगे।
इसके अलावा केंद्रीय भूगर्भ जल प्राधिकरण से जारी NOC और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट संचालक की ओर से फोटो सहित रेन वाटर हार्वेस्टिंग से संबंधित जानकारी देना भी जरूरी होगा। निगम के मुताबिक नए लाइसेंस के लिए 25 हजार रुपये एकमुश्त शुल्क निर्धारित है, जबकि लाइसेंस के नवीकरण के लिए 20 हजार रुपये शुल्क देना होगा।
90 प्लांट संचालकों ने किया आवेदन
RO वाटर प्लांट के संचालन के लिए अब तक रांची नगर निगम में 90 संचालकों ने लाइसेंस के लिए आवेदन किया है। निगम की ओर से इन आवेदनों की जांच की जा रही है। जांच के दौरान यह भी देखा जा रहा है कि प्लांट किस क्षेत्र में स्थित है। अगर कोई प्लांट ड्राई जोन में आता है, तो नियमों के मुताबिक उसे लाइसेंस जारी नहीं किया जाएगा।
बिना लाइसेंस प्लांट चलाया तो होगी सीलिंग
नगर निगम ने अवैध जार वाटर प्लांट संचालकों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि वे बिना लाइसेंस चल रहे प्लांट को जल्द से जल्द स्वेच्छा से बंद कर दें। अगर नियमों का पालन नहीं किया गया, तो निगम ऐसे प्लांट को सील करने की कार्रवाई करेगा।
निगम ने शहरवासियों से भी अपील की है कि अगर उनके इलाके में कोई अवैध जार वाटर प्लांट संचालित हो रहा है, तो इसकी जानकारी निगम के टोल-फ्री नंबर 1800 570 1235 पर दें। शिकायत मिलने के बाद निगम की टीम संबंधित प्लांट की जांच कर नियमों के अनुसार कार्रवाई करेगी।

