स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के तहत बड़ा प्लान, रांची में अकेले 50 सामुदायिक शौचालय; कचरा प्रबंधन के लिए अलग से 11.66 करोड़ रुपये मंजूर

रांची: झारखंड के शहरी इलाकों में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने और शहरों को गार्बेज फ्री सिटी के मानकों के अनुरूप विकसित करने की दिशा में सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। नगर विकास एवं आवास विभाग ने 165 करोड़ 9 लाख 57 हजार रुपये की राशि स्वीकृत की है। इस राशि से राज्य के अलग-अलग शहरी स्थानीय निकायों में कुल 3,435 निर्माण कार्य कराए जाएंगे।
योजना के तहत व्यक्तिगत, सामुदायिक और सार्वजनिक शौचालयों के साथ पेशाबघरों का निर्माण किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य शहरों में सार्वजनिक स्वच्छता सुविधाओं का विस्तार करना, खुले में शौच और खुले में मूत्रत्याग पर रोक लगाना और लोगों को बेहतर स्वच्छता सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
3,435 निर्माण कार्यों में क्या-क्या बनेगा?
स्वीकृत राशि से 2,899 व्यक्तिगत घरेलू शौचालय, 110 सामुदायिक शौचालय, 327 सार्वजनिक शौचालय और 99 आकांक्षी शौचालय बनाए जाएंगे। इसके अलावा अलग-अलग स्थानों पर 527 स्वतंत्र पेशाबघर भी स्थापित किए जाएंगे।
इन निर्माण कार्यों के लिए रांची, धनबाद, आदित्यपुर, गिरिडीह, सिमडेगा, कपाली और हरिहरगंज समेत कई शहरी निकायों को शामिल किया गया है। घनी आबादी वाले इलाकों के साथ बाजार, बस स्टैंड, व्यावसायिक क्षेत्र, पर्यटन स्थल और धार्मिक स्थलों को प्राथमिकता दी जाएगी, जहां बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही होती है।
रांची में बनेंगे 50 सामुदायिक शौचालय
सामुदायिक स्वच्छता सुविधाओं के लिए कुल 110 यूनिट स्वीकृत की गई हैं। इनमें 906 शौचालय सीट और 306 मूत्रालय सीट शामिल होंगी। इनमें से 50 सामुदायिक शौचालय इकाइयां रांची नगर निगम क्षेत्र में बनाई जाएंगी।
वहीं, सार्वजनिक उपयोग के लिए 327 शौचालय यूनिट तैयार की जाएंगी। इनमें कुल 2,755 शौचालय सीट और 635 मूत्रालय सीट होंगी। इनका निर्माण खास तौर पर भीड़भाड़ वाले बाजारों और व्यावसायिक क्षेत्रों में किया जाएगा।
पर्यटन और धार्मिक स्थलों पर भी फोकस
सरकार की योजना में पर्यटन और धार्मिक स्थलों को भी खास जगह दी गई है। पार्क, झील, पर्यटन स्थल, धार्मिक परिसर और अन्य हाई-फुटफॉल वाले स्थानों पर 99 आकांक्षी शौचालय बनाए जाएंगे।
इनमें 771 शौचालय और 132 मूत्रालय सीट होंगी। इसके साथ ही खुले में मूत्रत्याग की समस्या को कम करने के लिए प्रमुख चौराहों और व्यावसायिक क्षेत्रों में 527 स्वतंत्र पेशाबघर स्थापित किए जाएंगे।
कचरा प्रबंधन के लिए 11.66 करोड़ रुपये
सिर्फ शौचालय निर्माण ही नहीं, बल्कि शहरों में ठोस कचरा प्रबंधन व्यवस्था को भी मजबूत करने की तैयारी है। स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के तहत कचरा संग्रहण, प्रबंधन और निस्तारण से जुड़ी सुविधाओं के लिए 11 करोड़ 66 लाख 66 हजार 667 रुपये की राशि मंजूर की गई है।
इसमें 7 करोड़ रुपये केंद्रांश और करीब 4.67 करोड़ रुपये राज्यांश शामिल है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस राशि का इस्तेमाल 60:40 के अनुपात में किया जाएगा।
पांच जिलों में बनेंगे नगर निकाय के नए भवन
शहरी निकायों के बुनियादी ढांचे को बेहतर करने के लिए पांच जिलों में नगर निकाय भवन भी बनाए जाएंगे। पलामू, गोड्डा, सरायकेला-खरसावां, गुमला और जामताड़ा में भवन निर्माण के लिए कुल 48 करोड़ 64 लाख 92 हजार 427 रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
इन भवनों का निर्माण जुडको लिमिटेड की ओर से कराया जाएगा। पलामू के लिए 9.83 करोड़, गोड्डा को 9.89 करोड़, सरायकेला-खरसावां को 9.26 करोड़, गुमला को 9.66 करोड़ और जामताड़ा को 9.98 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
विभाग ने निर्देश दिया है कि स्वीकृत डीपीआर के अनुसार निर्माण कार्य कराया जाए। इसके लिए खुली निविदा की प्रक्रिया अपनाई जाएगी और हर महीने काम की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की रिपोर्ट भी देनी होगी।
कुल मिलाकर सरकार की इस योजना का फोकस झारखंड के शहरों में स्वच्छता सुविधाओं का विस्तार, कचरा प्रबंधन को मजबूत करना और शहरी बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाना है। अगर योजनाएं तय समय पर जमीन पर उतरती हैं, तो शहरों में स्वच्छता व्यवस्था को काफी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

