परीक्षा सुधारों को लेकर 8,500 से ज्यादा युवाओं ने दिए सुझाव, CM हेमंत सोरेन बोले- पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था बनाना लक्ष्य

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OMR परीक्षा, भर्ती कैलेंडर, स्कोरकार्ड, प्रश्नपत्र की पारदर्शिता और तकनीक के इस्तेमाल को लेकर मिले सुझाव; JPSC समेत संवैधानिक संस्थाओं में सुधार की भी मांग

रांची: झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्था में सुधार को लेकर युवाओं की राय सामने आ रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को बताया कि परीक्षा प्रणाली में बदलाव और सुधार के लिए राज्यभर से 8,500 से अधिक युवाओं ने अपने सुझाव दिए हैं।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, सरकार की ओर से दो दिन पहले शुरू किए गए sam-vad.jharkhand.gov.in पोर्टल के जरिए युवाओं से प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर सुझाव मांगे गए थे। बड़ी संख्या में युवाओं ने इस पहल में भाग लेते हुए परीक्षा व्यवस्था से जुड़े अलग-अलग मुद्दों पर अपनी राय साझा की है।

प्राप्त सुझावों में OMR आधारित परीक्षाएं आयोजित करने, नियमित परीक्षा कैलेंडर जारी करने, अभ्यर्थियों को स्कोरकार्ड उपलब्ध कराने और प्रश्नपत्रों को लेकर पारदर्शिता बढ़ाने जैसे मुद्दे प्रमुख हैं। इसके साथ ही भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने और तकनीक के बेहतर इस्तेमाल पर भी जोर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड लोक सेवा आयोग यानी JPSC सहित संवैधानिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली में सुधार को लेकर भी सुझाव मिले हैं।

यह पहल ऐसे समय में सामने आई है, जब JPSC और JSSC की प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर अभ्यर्थियों का विरोध लगातार जारी है। प्रदर्शनकारी भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। वहीं, JSSC-CGL 2024 परीक्षा को रद्द करने और पूरे मामले की CBI जांच की मांग भी उठाई गई है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का कहना है कि सरकार का मकसद केवल मौजूदा समस्याओं पर चर्चा करना नहीं है, बल्कि ऐसी परीक्षा और भर्ती व्यवस्था तैयार करना है, जो वर्तमान के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष, सुरक्षित, भरोसेमंद और जवाबदेह हो। अब निगाहें इस बात पर हैं कि युवाओं से मिले इन हजारों सुझावों को सरकार किस तरह अमल में लाती है और झारखंड की प्रतियोगी परीक्षा प्रणाली में इसका क्या असर देखने को मिलता है।

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