हजारीबाग: झारखंड के विष्णुगढ़ से आई एक खबर ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। यह सिर्फ एक हत्या नहीं… बल्कि उस सोच की क्रूर तस्वीर है, जो आज भी अंधविश्वास के अंधेरे में जी रही है । इस mother arrested child murder case ने देशभर में तीखी प्रतिक्रियाएं दी हैं।
एक मासूम बच्ची…जिसकी आंखों में सपने थे…जिसकी हंसी से घर रोशन होता था…उसी बच्ची को उसके अपने ही लोगों ने मौत के घाट उतार दिया, वो भी इतनी क्रूरता से..? किसलिए…अंधविश्वास (Blind Faith) के लिए । आइए जानते हैं इस mother arrested child murder case से जुड़ी हर अहम बात।
Mother arrested child murder case: कैसे हुई वारदात?

Mother arrested child murder case के अनुसार, यह घटना 24 मार्च 2026 की रात करीब 9:30 बजे की बताई जा रही है, जब गांव में तंत्र-मंत्र के नाम पर यह खौफनाक वारदात अंजाम दी गई ।
आधी रात का खौफनाक मंजर
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने पहले बच्ची को अपने कब्जे में लिया और फिर तंत्र-मंत्र की प्रक्रिया के तहत उसकी हत्या कर दी । बच्ची की मां, एक रिश्तेदार और एक अन्य व्यक्ति ने मिलकर यह अमानवीय कृत्य किया । सभी ने मिलकर पहले बच्ची को अपने कब्जे में लिया और फिर तंत्र-मंत्र की प्रक्रिया के तहत उसकी हत्या कर दी ।
Mother arrested child murder case: बेटे की लंबी उम्र के लिए बलि

Mother arrested child murder case की सबसे दर्दनाक बात यह है कि इस हत्या के पीछे का कारण बेटे की लंबी उम्र और परिवार की समस्याओं को दूर करना था।
अंधविश्वास का शिकार
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने बेटे की लंबी उम्र और परिवार की समस्याओं को दूर करने के लिए इस अमानवीय कृत्य को अंजाम दिया । बताया जा रहा है कि आरोपियों को यह विश्वास दिलाया गया था कि बच्ची की बलि देने से परिवार की परेशानियां खत्म हो जाएंगी और बेटे की उम्र लंबी होगी ।
तंत्र-मंत्र के बाद गला दबाकर हत्या
तंत्र-मंत्र की प्रक्रिया के बाद आरोपियों ने मासूम का गला दबाकर (Strangulation) हत्या कर दी और सिर फोड़कर खून बहाया । मासूम की चीखें शायद उस रात अंधविश्वास के शोर में दबकर रह गईं।
Mother arrested child murder case: पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
Mother arrested child murder case के सामने आते ही पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जांच शुरू की।
SIT का गठन
घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। जैसे ही मामला सामने आया, पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जांच शुरू की। विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया और गांव के लोगों से पूछताछ के बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया ।
तीन आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ हत्या (Murder) सहित अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है । अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा ।
Mother arrested child murder case: पुलिस प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या बोली?
Mother arrested child murder case पर पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी।
अंधविश्वास और झाड़-फूंक का चक्कर
पुलिस अधिकारियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि शुरुआती जांच में साफ हुआ है कि यह पूरी घटना अंधविश्वास और झाड़-फूंक के चक्कर में हुई । आरोपियों को यह विश्वास दिलाया गया था कि बच्ची की बलि देने से परिवार की परेशानियां खत्म हो जाएंगी।
Mother arrested child murder case: समाज के लिए चेतावनी
Mother arrested child murder case ने एक बार फिर समाज के उस काले सच को उजागर कर दिया है, जहां आज भी कुछ लोग विज्ञान और तर्क की बजाय अंधविश्वास को मानते हैं।
“अगले जन्म मोहे बिटिया ना कीजो”
इस घटना का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि जिस मां की गोद बच्चे के लिए सबसे सुरक्षित मानी जाती है, वही गोद इस मासूम के लिए मौत का कारण बन गई । इस कार्रवाई के बावजूद उस मासूम की जिंदगी वापस नहीं लाई जा सकती, जिसकी आखिरी खामोश पुकार शायद यही रही होगी— “अगले जन्म मोहे बिटिया ना कीजो।”
शिक्षा और जागरूकता की जरूरत
यह कोई पहली घटना नहीं है, लेकिन हर बार यह सवाल जरूर खड़ा होता है कि आखिर हम कब तक ऐसे अंधे विश्वासों के गुलाम बने रहेंगे। शिक्षा (Education) और जागरूकता (Awareness) की कमी ही ऐसी घटनाओं को जन्म देती है।
Mother arrested child murder case: निष्कर्ष
Mother arrested child murder case ने दिखा दिया कि आज भी हमारे समाज में अंधविश्वास कितना गहरा है। एक मासूम बच्ची को उसके बेटे की लंबी उम्र के लिए बलि चढ़ा दिया गया, और उसकी अपनी मां इस जघन्य अपराध में शामिल थी । पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन यह घटना हम सभी के लिए एक गंभीर चेतावनी है। जरूरत है कि हम समाज से अंधविश्वास को जड़ से खत्म करने के लिए ठोस कदम उठाएं, ताकि कोई और मासूम इस तरह अपनी जान न गंवाए।
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