Monsoon Returns to Jharkhand झारखंड में पिछले कुछ दिनों से कमजोर पड़ा मानसून अब एक बार फिर सक्रिय होने जा रहा है। मानसून की वापसी के इस दौर में बंगाल की खाड़ी में बने गहरे निम्न दबाव के प्रभाव से आज से राज्य के कई जिलों में तेज बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने 27 से 30 जुलाई तक कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिससे खरीफ फसलों, विशेष रूप से धान की रोपाई प्रभावित होने के कारण किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।
Monsoon Returns to Jharkhand: बंगाल की खाड़ी में बना डीप डिप्रेशन
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और मौसम केंद्र रांची के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने गहरे निम्न दबाव (डीप डिप्रेशन) के प्रभाव से आज से राज्य के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। मानसून की वापसी का यह दौर पिछले कुछ दिनों से चल रहे शुष्क मौसम के बाद राहत लेकर आया है। अगले कुछ दिनों तक झारखंड के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम तथा कुछ जिलों में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।
Monsoon Returns to Jharkhand: किन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट?
मानसून की वापसी के कारण 27 जुलाई को गुमला, खूंटी, रांची और लोहरदगा जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं 28 जुलाई को पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा, गुमला, खूंटी और लोहरदगा जिलों में भी भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने “तीव्र बारिश” की चेतावनी 30 जुलाई तक जारी की है, जो गंगेटिक पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश तथा उत्तर प्रदेश के पूर्वी एवं पश्चिमी क्षेत्रों को कवर करती है।
Monsoon Returns to Jharkhand: कितनी हुई बारिश?
मानसून की वापसी से पहले राज्य में अब तक सामान्य से कम वर्षा हुई है। 1 जून से 26 जुलाई तक झारखंड में 325 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है, जबकि सामान्य वर्षा 455.9 मिमी होनी चाहिए थी। यानी अब तक राज्य में लगभग 29 प्रतिशत कम बारिश हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, झारखंड 96% जिलों के साथ वर्षा की कमी वाला सबसे अधिक तनावग्रस्त राज्य है। हालांकि, मानसून की वापसी के साथ यह कमी कुछ हद तक कम होने की उम्मीद है।
Monsoon Returns to Jharkhand: किसानों को कैसे मिलेगी राहत?
कम बारिश के कारण खरीफ फसलों, विशेष रूप से धान की रोपाई प्रभावित हुई है। ऐसे में मौसम विभाग का मानना है कि मानसून की वापसी के साथ आने वाले दिनों में होने वाली अच्छी बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आ सकती है और रोपाई कार्य में तेजी आएगी। मानसून की वापसी से जुलाई में 42% अतिरिक्त बारिश हुई है, जिससे खरीफ फसलों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।
Monsoon Returns to Jharkhand: क्या करें सावधानियां?
मानसून की वापसी के दौरान मौसम विभाग ने लोगों से भारी बारिश, तेज हवा और वज्रपात के दौरान सतर्क रहने तथा मौसम विभाग द्वारा जारी सभी चेतावनियों का पालन करने की अपील की है। किसानों को मानसून की वापसी का लाभ उठाने के लिए तैयार रहना चाहिए, जबकि आम लोगों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
Monsoon Returns to Jharkhand: बाहरी संसाधन
- India Meteorological Department (IMD): https://mausam.imd.gov.in
- मौसम केंद्र रांची: https://mausam.imd.gov.in/ranchi
- झारखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण: https://www.jharkhand.gov.in/disaster-management
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