NEET-UG और UGC-NET विवाद के बाद परीक्षा व्यवस्था में सुधार; NTA में 20-25 नए अधिकारी होंगे नियुक्त, CISF संभालेगी सुरक्षा

नयी दिल्ली: NEET-UG और UGC-NET को लेकर उठे सवालों के बाद केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी यानी NTA की परीक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी की है। परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए करीब 600 विशेषज्ञों को हटाकर उनकी जगह नए विशेषज्ञों को शामिल किया जा रहा है। इसके साथ ही प्रश्नपत्रों की जांच के लिए चार स्तरों वाली व्यवस्था लागू करने की तैयारी है।
शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी की अध्यक्षता में सोमवार को हुई बैठक के बाद शिक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को प्रस्तावित बदलावों की जानकारी दी। बैठक में परीक्षाओं के सुचारु संचालन और निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
चार चरणों में होगी प्रश्नपत्रों की जांच
नई व्यवस्था के तहत प्रश्नपत्रों की जांच और सुरक्षा को पहले से ज्यादा मजबूत किया जाएगा। इसके लिए चार-स्तरीय समीक्षा प्रणाली तैयार की जा रही है। इसका उद्देश्य प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर परीक्षा तक की प्रक्रिया में संभावित खामियों को कम करना है। सरकार का फोकस खास तौर पर प्रश्नपत्रों की गोपनीयता और परीक्षा संचालन की सुरक्षा बढ़ाने पर है।
NTA में जल्द आएंगे 20-25 नए अधिकारी
मंत्रालय के मुताबिक, अगले दो से तीन सप्ताह के भीतर NTA में करीब 20 से 25 नए अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी। इनमें मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी, मुख्य वित्त अधिकारी, मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी और टेस्ट सिक्योरिटी से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। इसके अलावा रिसर्च एंड डेवलपमेंट, गोपनीय परीक्षा संचालन और साइकोमेट्रिक्स जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी विशेषज्ञ अधिकारियों को जिम्मेदारी दी जाएगी।
नए परिसर में होंगे NTA के कार्यालय
परीक्षा एजेंसी के कार्यालयों को नये परिसरों में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया भी तेज की जाएगी। इन परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी CISF को देने का फैसला किया गया है। मंत्रालय के अनुसार, नए कार्यालयों में गोपनीय परीक्षा संचालन से जुड़े क्षेत्रों, सुरक्षित कमरों और संवेदनशील प्रणालियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
एयर-गैप्ड सिस्टम और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के नियम होंगे सख्त
नई व्यवस्था में प्रश्नपत्रों से जुड़े संवेदनशील काम के लिए एयर-गैप्ड सिस्टम और सुरक्षित कमरों के इस्तेमाल को मजबूत किया जाएगा। परीक्षा से जुड़े कर्मचारियों द्वारा इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के इस्तेमाल और उन्हें सुरक्षित स्थान पर जमा कराने के प्रोटोकॉल में भी बदलाव किया जाएगा। इसका मकसद परीक्षा से पहले प्रश्नपत्रों की गोपनीयता बनाए रखना और किसी भी तरह की अनधिकृत पहुंच को रोकना है।
NEET-UG विवाद के बाद बढ़ी सख्ती
NEET-UG प्रश्नपत्र लीक और UGC-NET में अनियमितताओं को लेकर हुए विवाद के बाद NTA की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठते रहे हैं। इसके बाद एजेंसी में पहले भी कार्रवाई की गयी थी। जानकारी के मुताबिक, NEET-UG विवाद के बाद जुलाई में NTA ने 47 अधिकारियों को सेवा से हटाया था। बाद की कार्रवाई में यह संख्या 50 से अधिक हो गयी थी। अब 600 विशेषज्ञों को हटाकर नये विशेषज्ञों को शामिल करने और परीक्षा सुरक्षा के लिए नई व्यवस्था लागू करने के फैसले को NTA में बड़े संस्थागत बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।
परीक्षा व्यवस्था को सुरक्षित बनाने पर जोर
केंद्र सरकार का लक्ष्य NTA की परीक्षा प्रक्रिया में तकनीकी क्षमता, प्रश्नपत्र सुरक्षा और प्रशासनिक निगरानी को मजबूत करना है। नई नियुक्तियों और चार-स्तरीय प्रश्नपत्र जांच व्यवस्था के साथ परीक्षा संचालन के हर अहम चरण की निगरानी बढ़ाने की तैयारी है।

