झारखंड में बिजली ट्रांसमिशन नेटवर्क होगा मजबूत, JUSNL खरीदेगा 4.25 करोड़ के सुरक्षा उपकरण

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तीन ई-टेंडर जारी, CVT-PT, लाइटनिंग अरेस्टर और 33 KV सर्किट ब्रेकर की होगी खरीद; 10 सितंबर तक जमा होंगे टेंडर

रांची: झारखंड में बिजली ट्रांसमिशन व्यवस्था को और सुरक्षित एवं मजबूत बनाने की दिशा में झारखंड ऊर्जा संचरण निगम लिमिटेड यानी JUSNL ने बड़ा कदम उठाया है। निगम ने ट्रांसमिशन नेटवर्क में इस्तेमाल होने वाले कई महत्वपूर्ण विद्युत सुरक्षा उपकरणों की खरीद के लिए तीन अलग-अलग ई-टेंडर जारी किए हैं।

इन उपकरणों की कुल अनुमानित लागत करीब 4.25 करोड़ रुपये है। खरीद के तहत कैपेसिटिव वोल्टेज ट्रांसफॉर्मर यानी CVT, पोटेंशियल ट्रांसफॉर्मर यानी PT, लाइटनिंग अरेस्टर, सर्ज अरेस्टर और 33 केवी सर्किट ब्रेकर शामिल हैं।

इन उपकरणों के लगने से हाई-वोल्टेज नेटवर्क की निगरानी और सुरक्षा बेहतर होने की उम्मीद है। खासकर मानसून के दौरान बिजली गिरने, अचानक वोल्टेज बढ़ने और शॉर्ट सर्किट जैसी परिस्थितियों में ट्रांसमिशन सिस्टम को नुकसान से बचाने में इनकी अहम भूमिका होगी।

वोल्टेज की निगरानी के लिए खरीदे जाएंगे CVT और PT

पहले ई-टेंडर के तहत अलग-अलग वोल्टेज स्तरों के लिए CVT और PT की खरीद की जाएगी। इसके लिए करीब 2 करोड़ 6 लाख 73 हजार 605 रुपये की अनुमानित राशि तय की गई है। CVT और PT का इस्तेमाल हाई-वोल्टेज सिस्टम में वोल्टेज की माप और निगरानी के लिए किया जाता है। इन उपकरणों के जरिए ग्रिड में वोल्टेज की स्थिति पर बेहतर नजर रखी जा सकेगी। इससे ट्रांसमिशन सिस्टम के संचालन और सुरक्षा को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

बिजली गिरने और अचानक वोल्टेज बढ़ने से बचाएंगे अरेस्टर

दूसरे टेंडर के तहत विभिन्न वोल्टेज लेवल के लिए लाइटनिंग अरेस्टर और हाई-क्लास सर्ज अरेस्टर खरीदे जाएंगे। इस खरीद की अनुमानित लागत करीब 1 करोड़ 22 लाख 32 हजार रुपये है।

बिजली गिरने या सिस्टम में अचानक वोल्टेज बढ़ने की स्थिति में ये उपकरण अतिरिक्त विद्युत ऊर्जा को सुरक्षित तरीके से जमीन की ओर प्रवाहित करने में मदद करते हैं। इससे ट्रांसफॉर्मर, स्विचगियर और ट्रांसमिशन नेटवर्क के दूसरे महत्वपूर्ण उपकरणों को नुकसान से बचाया जा सकता है।

फॉल्ट आते ही लाइन को सिस्टम से अलग करेगा सर्किट ब्रेकर

तीसरे टेंडर में 33 केवी सर्किट ब्रेकर की खरीद की जाएगी। इसके लिए करीब 96 लाख 26 हजार 681 रुपये की अनुमानित लागत रखी गई है। किसी लाइन में शॉर्ट सर्किट या अन्य गंभीर विद्युत खराबी आने पर सर्किट ब्रेकर प्रभावित हिस्से को तत्काल सिस्टम से अलग कर देता है। इससे फॉल्ट का असर दूसरे हिस्सों तक फैलने से रोकने में मदद मिलती है और खराबी दूर होने के बाद बिजली आपूर्ति बहाल करने की प्रक्रिया भी आसान होती है।

तीन टेंडर, 4.25 करोड़ रुपये का अनुमानित खर्च

JUSNL की ओर से जारी तीनों निविदाओं में अलग-अलग उपकरणों की खरीद का प्रावधान है। CVT और PT के लिए करीब 2.06 करोड़ रुपये, लाइटनिंग और सर्ज अरेस्टर के लिए करीब 1.22 करोड़ रुपये और 33 केवी सर्किट ब्रेकर के लिए करीब 96.26 लाख रुपये की अनुमानित लागत तय की गई है। तीनों की कुल लागत करीब 4.25 करोड़ रुपये बैठती है।

10 सितंबर तक जमा किए जा सकेंगे टेंडर

जारी निविदा के अनुसार टेंडर दस्तावेज 21 अगस्त 2026 की शाम 4 बजे से डाउनलोड किए जा सकेंगे। प्री-बिड बैठक 27 अगस्त को शाम 4 बजे आयोजित होगी। वहीं, इच्छुक कंपनियां 10 सितंबर 2026 की शाम 4 बजे तक अपनी बिड जमा कर सकेंगी। तकनीकी बिड 11 सितंबर को शाम 4 बजे खोली जाएगी। वित्तीय बिड खोलने की तारीख बाद में घोषित की जाएगी।

बिजली उत्पादन नहीं, ट्रांसमिशन की सुरक्षा होगी मजबूत

JUSNL की यह खरीद बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाने से जुड़ी योजना नहीं है। इसका मुख्य उद्देश्य मौजूदा ट्रांसमिशन नेटवर्क को ज्यादा सुरक्षित और भरोसेमंद बनाना है। नए उपकरणों की मदद से हाई-वोल्टेज सिस्टम की निगरानी बेहतर होगी, बिजली गिरने और वोल्टेज सर्ज से सुरक्षा मिलेगी और शॉर्ट सर्किट की स्थिति में प्रभावित लाइन को तेजी से अलग किया जा सकेगा। इससे ट्रांसमिशन नेटवर्क में फॉल्ट का असर सीमित करने, महंगे विद्युत उपकरणों को नुकसान से बचाने और बिजली आपूर्ति बहाल करने में लगने वाला समय कम करने में मदद मिल सकती है।

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