सीआईडी की जांच में उप परीक्षा नियंत्रक से लंबी पूछताछ हुई। उन्होंने कई फैसलों को तत्कालीन चेयरमैन के निर्देशों से जुड़ा बताया। वहीं, पूर्व अध्यक्ष एम. खियांगते ने निष्पक्ष जांच का समर्थन करते हुए कहा कि उन्होंने जांच एजेंसी को पूरा सहयोग दिया है।

रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। अब इस मामले में सीआईडी ने आयोग के उप परीक्षा नियंत्रक से पूछताछ की है। पूछताछ के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण जानकारियां जांच एजेंसी के सामने रखीं और दावा किया कि कई प्रशासनिक निर्णय तत्कालीन चेयरमैन के निर्देशों के आधार पर लिए गए थे।
जांच एजेंसी के अनुसार, उप परीक्षा नियंत्रक से आयोग की कार्यप्रणाली, परीक्षा संचालन, उत्तर पुस्तिकाओं और प्रशासनिक प्रक्रियाओं से जुड़े कई बिंदुओं पर विस्तार से सवाल किए गए। उन्होंने अपने बयान में कई फैसलों को तत्कालीन चेयरमैन के निर्देशों से जोड़ा है। मामले की जांच अभी जारी है और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी संबंधित अधिकारियों से पूछताछ की जा सकती है।
इस बीच, JPSC के पूर्व अध्यक्ष एम. खियांगते ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि उन पर किसी प्रकार का दबाव नहीं था और उन्होंने निष्पक्ष जांच के लिए सीआईडी को पूरा सहयोग दिया है। उनका कहना है कि यदि किसी भी स्तर पर कोई अनियमितता हुई है, तो उसकी सच्चाई सामने आनी चाहिए।
सूत्रों के अनुसार, सीआईडी अब तक कई अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ कर चुकी है तथा दस्तावेजों और रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है। जांच एजेंसी पूरे मामले की कड़ियों को जोड़कर यह पता लगाने में जुटी है कि कथित गड़बड़ियां किस स्तर पर और किन परिस्थितियों में हुईं।
JPSC परीक्षा से जुड़े इस मामले पर अभ्यर्थियों की भी लगातार नजर बनी हुई है। जांच पूरी होने के बाद एजेंसी अपनी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।

