JPSC JSSC Protest: छात्रों का आंदोलन तेज, 29 जुलाई को पदयात्रा और 6 अगस्त को विधानसभा घेराव का ऐलान

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JPSC JSSC Protest झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षा विवाद को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। रांची स्थित बापू वाटिका में छात्रों का सत्याग्रह तीसरे दिन भी जारी रहा . आंदोलनकारी छात्रों ने सरकार के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान करते हुए 29 जुलाई को पदयात्रा और 6 अगस्त को विधानसभा घेराव करने की घोषणा की है . छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. यह JPSC JSSC विवाद अब राज्य का सबसे बड़ा छात्र मुद्दा बन गया है।

JPSC JSSC विवाद की पृष्ठभूमि

JPSC की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 19 अप्रैल 2026 को आयोजित की गई थी, जिसके परिणाम घोषित होने के बाद विवाद शुरू हो गया . अभ्यर्थियों ने श्रेणीवार कट-ऑफ अंक प्रकाशित न करने और मेरिट लिस्ट में संवैधानिक सदस्यों के हस्ताक्षर न होने जैसी गड़बड़ियों का आरोप लगाया . सोशल मीडिया पर OMR शीट वायरल होने के बाद विवाद और बढ़ गया, जिसमें एक अभ्यर्थी ने मात्र 48 प्रश्नों का उत्तर दिया था, जबकि क्वालीफाइंग मार्क्स 144 थे . इस JPSC JSSC विवाद ने पूरे राज्य में हड़कंप मचा दिया.

JPSC JSSC: CBI जांच की मांग हुई तेज

छात्र संगठनों ने पूरे मामले की CBI जांच कराने की मांग दोहराई है . आंदोलनकारियों का कहना है कि राज्य एजेंसी CID पर राजनीतिक दबाव की आशंका है, इसलिए निष्पक्ष जांच के लिए CBI की जरूरत है . छात्र नेता कुणाल प्रताप सिंह ने सवाल किया कि यदि CID की जांच पूरी हो चुकी है तो JSSC CGL पेपर लीक मामले की अंतिम रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक क्यों नहीं की गई . उन्होंने JPSC और JSSC की सभी विवादित परीक्षाओं की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग की ताकि अभ्यर्थियों के बीच बनी शंकाएं दूर हो सकें . इस JPSC JSSC विवाद में छात्रों का कहना है कि CBI जांच से ही पारदर्शिता आएगी.

JPSC JSSC: पेपर लीक और दोषियों पर कार्रवाई की मांग

प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने पेपर लीक की घटनाओं में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की . उनका कहना है कि परीक्षा माफियाओं और भ्रष्टाचार में शामिल अधिकारियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो. बीते कुछ वर्षों में JPSC और JSSC की कई प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर लगातार विवाद सामने आए हैं, जिससे लाखों युवाओं का भरोसा कमजोर हुआ है . इस JPSC JSSC विवाद में छात्र नेताओं ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह होनी चाहिए.

JPSC JSSC: अब तक की कार्रवाई

CID और रांची पुलिस ने JPSC कार्यालय में छापेमारी की, जिसके बाद JPSC के सहायक परीक्षा नियंत्रक समेत कई कर्मचारियों को हिरासत में लिया गया . इस JPSC JSSC विवाद में गोड्डा के ब्लॉक सप्लाई ऑफिसर अभय तिवारी को भी गिरफ्तार किया गया, जो परीक्षा आयोजन से जुड़ी निजी एजेंसी TDPL से भी जुड़े थे . JPSC अध्यक्ष एल. खियांगटे ने भी विवाद के बीच अपने पद से इस्तीफा दे दिया . JPSC ने 25 से 27 जुलाई तक प्रस्तावित मुख्य परीक्षा को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया . इस JPSC JSSC विवाद के चलते कुल 9 भर्ती परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं .

JPSC JSSC: 29 जुलाई को पदयात्रा, 6 अगस्त को विधानसभा घेराव

छात्र संगठनों ने आंदोलन के अगले चरण की घोषणा करते हुए बताया कि 29 जुलाई को रांची में पदयात्रा निकाली जाएगी . इसके बाद 6 अगस्त को विधानसभा घेराव कर सरकार तक अपनी मांगें पहुंचाई जाएंगी . आंदोलनकारियों ने राज्यभर के छात्रों और युवाओं से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है. अभी तक किसी भी अधिकारी या सरकारी प्रतिनिधि ने आंदोलनकारियों से बात नहीं की है .

JPSC JSSC: सरकार पर लगाया अनदेखी का आरोप

आंदोलनकारी छात्रों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक सरकार की ओर से कोई संतोषजनक कदम नहीं उठाया गया. उनका कहना है कि बार-बार परीक्षा विवाद सामने आने से युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है . JPSC JSSC विवाद में छात्र नेताओं ने कहा कि यदि समय रहते निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा.

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