मंत्री इरफान अंसारी ने 2-3 दिनों में आंदोलन खत्म होने की जताई उम्मीद, बोले- प्रदर्शनकारी युवाओं के स्वास्थ्य की सरकार कर रही निगरानी

रांची: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार जारी है। शनिवार को प्रदर्शन के 22वें दिन, स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आंदोलनकारी छात्रों ने रांची में तिरंगा यात्रा निकाली। राष्ट्रीय ध्वज के साथ निकली इस यात्रा के जरिए छात्रों ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ अपनी मांगों को दोहराया।
वहीं, आंदोलन को लेकर राज्य सरकार की ओर से सकारात्मक संकेत दिए गए हैं। मंत्री इरफान अंसारी ने उम्मीद जताई है कि सरकार और आंदोलनकारी युवाओं के बीच बातचीत के जरिए अगले कुछ दिनों में समाधान निकल सकता है।
2-3 दिनों में खत्म हो सकता है आंदोलन
मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि सरकार छात्रों की मांगों को गंभीरता से ले रही है और आंदोलन समाप्त कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि दो से तीन दिनों के भीतर आंदोलन खत्म हो सकता है।
मंत्री ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि युवाओं के साथ बातचीत कर उनकी समस्याओं का समाधान निकाला जाए और लंबे समय से चल रहे विरोध को समाप्त किया जा सके।
प्रदर्शनकारियों के स्वास्थ्य पर सरकार की नजर
आंदोलन के दौरान प्रदर्शन कर रहे युवाओं के स्वास्थ्य को लेकर भी मंत्री ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सरकार ने संबंधित विभाग को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं और प्रदर्शन स्थल पर डॉक्टरों की टीम की व्यवस्था की गई है।
मंत्री के मुताबिक, आंदोलन में शामिल युवा सरकार के लिए अपने बच्चों की तरह हैं। किसी प्रदर्शनकारी की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलते ही उसे मौके से अस्पताल ले जाकर इलाज कराया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि इलाज का खर्च प्रदर्शनकारियों से नहीं लिया जाएगा।
देवेंद्र नाथ महतो तिरंगा यात्रा में नहीं हो सके शामिल
वहीं, झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के नेता देवेंद्र नाथ महतो तिरंगा यात्रा में शामिल नहीं हो सके। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें सदर अस्पताल से बाहर निकलकर मार्च में शामिल होने की अनुमति नहीं दी। देवेंद्र महतो पिछले 14 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। अस्पताल से बाहर निकलने की कोशिश के दौरान सुरक्षाकर्मियों के साथ कथित झड़प का वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है।
छात्रों की क्या हैं प्रमुख मांगें?
JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच के बैनर तले आंदोलन कर रहे अभ्यर्थी भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों की मांगों में कुछ भर्ती परीक्षाओं को रद्द करना और कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच कराना शामिल है। छात्र चाहते हैं कि मामले की जांच सीबीआई या झारखंड से बाहर के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की समिति से कराई जाए। अब आंदोलन के 22वें दिन सरकार की ओर से दो-तीन दिनों में समाधान निकलने के दावे के बाद निगाहें सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच होने वाली अगली बातचीत पर टिकी हैं।

