JPSC Controversy झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र से पहले मंगलवार को विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो की अध्यक्षता में आयोजित सर्वदलीय बैठक में JPSC भर्ती परीक्षा को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन पर चर्चा हुई । बैठक के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस JPSC Controversy पर अपनी प्रतिक्रिया दी और सरकार की ओर से की जा रही कार्रवाई की जानकारी साझा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि JPSC भर्ती परीक्षा से जुड़े पूरे मामले को सरकार गंभीरता से ले रही है और JPSC Controversy के इस मामले में जांच एजेंसियां सक्रिय रूप से कार्रवाई कर रही हैं । उनके अनुसार, JPSC Controversy में अब तक 14 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है । सीआईडी ने कई स्थानों पर छापेमारी की है और साक्ष्य जुटाए हैं ।
JPSC Controversy: मुख्यमंत्री का बड़ा बयान
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस JPSC Controversy पर कहा, “सरकार की आंखें और कान हैं, वह हर बात पर नजर रख रही है। जांच टीम दिन-रात काम कर रही है और जांच पूरी होने के बाद ही सरकार कोई निर्णय लेगी” । उन्होंने कहा कि JPSC Controversy में “जहां भी गलतियां हुई हैं, उनकी पूरी तरह जांच की जा रही है” ।
छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से सरकार की संभावित मुलाकात को लेकर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि “सरकार के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं” । जो कोई भी अपनी मांग लेकर आना चाहता है, वह आ सकता है ।
JPSC Controversy: CID जांच और गिरफ्तारियां
JPSC Controversy में सीआईडी ने 14 लोगों को गिरफ्तार किया है । इनमें JPSC के पूर्व उप परीक्षा नियंत्रक, परीक्षा एजेंसी के अधिकारी और कई बिचौलिए शामिल हैं । JPSC Controversy में सीआईडी ने OMR शीट में कथित हेरफेर और अभ्यर्थियों से पैसे लेने के नेटवर्क की जांच तेज कर दी है ।
JPSC Controversy में पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते ने भी इस्तीफा दे दिया है और चार बार सीआईडी के सामने पेश हो चुके हैं ।
JPSC Controversy: छात्रों की मांगें
JPSC Controversy के खिलाफ छात्र 29 जुलाई से रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनिश्चितकालीन धरना दे रहे हैं । 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम में कथित अनियमितताओं के कारण यह JPSC Controversy शुरू हुआ था ।
छात्रों की तीन मुख्य मांगें हैं :
- 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करना
- CBI-ED जांच कराना
- OMR शीट में “नॉट अटेंप्टेड” का पांचवां ऑप्शन देना
छात्रों का कहना है कि सीआईडी जांच राज्य सरकार के दबाव में हो सकती है, इसलिए JPSC Controversy में CBI जांच जरूरी है ।
JPSC Controversy: बीजेपी का रुख
इस JPSC Controversy को लेकर बीजेपी ने हेमंत सरकार को घेरने की तैयारी कर ली है । पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने सीएम को खुला पत्र लिखकर JPSC Controversy में CBI जांच और छात्रों से सीधी बातचीत की मांग की है । उन्होंने कहा कि “छात्रों की मांग नहीं सुनी गई तो यह आंदोलन जन आंदोलन में बदल सकता है” ।
बीजेपी विधायकों का एक प्रतिनिधिमंडल छात्रों से मिलने की तैयारी में है । विधानसभा के मानसून सत्र में बीजेपी इस JPSC Controversy को जोरदार तरीके से उठाएगी ।
JPSC Controversy: आगे क्या?
फिलहाल JPSC Controversy की जांच जारी है और छात्र अपने आंदोलन पर अड़े हैं । छात्रों ने 10 अगस्त को विधानसभा मार्च की चेतावनी दी है । सरकार का कहना है कि जांच रिपोर्ट के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा । JPSC Controversy अब झारखंड की सबसे बड़ी राजनीतिक और सामाजिक बहस बन गया है ।
बाहरी संसाधन
- Jharkhand Public Service Commission (JPSC): https://jpsc.gov.in
- Jharkhand Staff Selection Commission (JSSC): https://jssc.jharkhand.gov.in
- CBI Official Website: https://cbi.gov.in


