स्वास्थ्य विभाग ने Rodic कंपनी के साथ किया MoU, मरीजों को अस्पताल में उपलब्ध डॉक्टर, दवा और सुविधाओं की जानकारी एक ही जगह मिलेगी

रांची: झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल और ज्यादा पारदर्शी बनाने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब राज्य के सभी 24 जिलों के सदर अस्पतालों को डिजिटल सिस्टम से जोड़ा जाएगा। अस्पतालों में लगाए जाने वाले डिजिटल बोर्ड के जरिए मरीज और उनके परिजन डॉक्टरों की उपलब्धता, दवाओं के स्टॉक और अस्पताल में मौजूद सुविधाओं की जानकारी आसानी से देख सकेंगे।
इस योजना को लागू करने के लिए मंगलवार को नेपाल हाउस स्थित स्वास्थ्य विभाग के कार्यालय में Rodic कंपनी के साथ समझौता ज्ञापन यानी MoU पर हस्ताक्षर किया गया।
अस्पताल पहुंचते ही मिलेगी जरूरी जानकारी
नई व्यवस्था लागू होने के बाद मरीजों को डॉक्टर के ड्यूटी पर होने या किसी दवा की उपलब्धता की जानकारी लेने के लिए अलग-अलग काउंटर पर जाने की जरूरत नहीं होगी। डिजिटल स्क्रीन पर अस्पताल से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदर्शित की जाएंगी। इसमें कौन से डॉक्टर उपलब्ध हैं, कौन-कौन सी दवाएं स्टॉक में हैं और अस्पताल में कौन सी सुविधाएं मौजूद हैं, इसकी जानकारी शामिल होगी।
स्वास्थ्य व्यवस्था में बढ़ेगी पारदर्शिता
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि डिजिटल व्यवस्था लागू होने से स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी। मरीजों और उनके परिजनों को अस्पताल की सेवाओं से जुड़ी जानकारी आसानी से मिल सकेगी और उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान नहीं होना पड़ेगा।
डिजिटल तकनीक को समय की जरूरत बताया
स्वास्थ्य सचिव अजय कुमार ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल अब समय की जरूरत है। देश के कई राज्यों में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था पहले से लागू है और झारखंड भी इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है।
MoU कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रबंध निदेशक शशि प्रकाश झा समेत स्वास्थ्य विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और संबंधित कंपनी के प्रतिनिधि मौजूद रहे। नई डिजिटल व्यवस्था के लागू होने के बाद राज्य के सदर अस्पतालों में मरीजों को जानकारी, पारदर्शिता और सुविधा—तीनों स्तरों पर बेहतर अनुभव मिलने की उम्मीद है।

