झारखंड के गांवों तक पहुंचीं डिजिटल सरकारी सेवाएं, 15 नवंबर तक हर पंचायत में आधार सुविधा का लक्ष्य

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मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा, CSC से ग्रामीणों को घर के पास मिल रहीं सरकारी सुविधाएं; JSLPS के साथ समझौते से महिला समूहों के उत्पादों को मिलेगा ई-कॉमर्स बाजार

रांची: झारखंड के ग्रामीण इलाकों में सरकारी सेवाओं को लोगों के घर के नजदीक पहुंचाने के लिए कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है। ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि सीएससी के माध्यम से गांवों में कई सरकारी सुविधाएं उपलब्ध होने से लोगों के समय, पैसे और श्रम की बचत हो रही है।

मंत्री शुक्रवार को रांची के हेहल स्थित सेंट्रल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में आयोजित कॉमन सर्विस सेंटर के 17वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस दौरान बेहतर प्रदर्शन करने वाले ग्राम स्तरीय उद्यमियों यानी VLE को सम्मानित भी किया गया।

CSC ई-स्टोर और JSLPS के बीच हुआ समझौता

कार्यक्रम के दौरान CSC ई-स्टोर और झारखंड राज्य आजीविका प्रोत्साहन सोसाइटी (JSLPS) के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में तैयार होने वाले उत्पादों को डिजिटल और ई-कॉमर्स बाजार से जोड़ना है।

मंत्री के मुताबिक स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं द्वारा बनाए जा रहे उत्पादों को अब ई-कॉमर्स नेटवर्क के माध्यम से बड़े बाजार तक पहुंचाने की कोशिश की जाएगी। इससे ग्रामीण महिला उद्यमियों के लिए आय के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

‘पलाश’ और ‘अदिवा’ जैसे ब्रांडों को मिलेगा बढ़ावा

दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि राज्य सरकार ‘पलाश’ और ‘अदिवा’ जैसे ब्रांडों के जरिए ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों को प्रोत्साहित कर रही है। सरकार की कोशिश है कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को केवल उत्पादन तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उनके उत्पादों को बेहतर बाजार भी उपलब्ध कराया जाए।

ई-कॉमर्स नेटवर्क से जुड़ने के बाद इन उत्पादों की पहुंच स्थानीय बाजार से आगे बढ़ सकेगी और महिला उद्यमिता को मजबूती मिलने की संभावना है।

15 नवंबर तक हर पंचायत में आधार सेवा देने का लक्ष्य

मंत्री ने समारोह में घोषणा की कि सरकार ने 15 नवंबर तक झारखंड की सभी पंचायतों में आधार से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है। योजना पूरी होने के बाद ग्रामीणों को आधार संबंधी काम के लिए बार-बार प्रखंड या जिला कार्यालय जाने की जरूरत कम होगी।

पंचायत स्तर पर आधार सेवाएं मिलने से ग्रामीण क्षेत्रों में दस्तावेज सुधार और आधार से जुड़ी दूसरी सुविधाओं तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है।

डिजिटल पंचायत की दिशा में आगे बढ़ रही सरकार

मंत्री ने कहा कि पंचायती राज विभाग और सीएससी मिलकर राज्य सरकार के ‘डिजिटल पंचायत’ विजन को जमीन पर उतारने की दिशा में काम कर रहे हैं। बैंकिंग, ई-गवर्नेंस और आधार जैसी सुविधाओं को पंचायत स्तर तक पहुंचाकर ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल प्रशासन को मजबूत करने की योजना है।

उन्होंने कहा कि सीएससी और ग्राम स्तरीय उद्यमियों की मदद से कई सरकारी सेवाएं अब लोगों के घर के पास उपलब्ध हो रही हैं। इससे सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत कम होने के साथ सेवाओं तक पहुंच भी आसान हुई है।

डिजिटल विकास की पुरानी सोच को आगे बढ़ाने का दावा

दीपिका पांडेय सिंह ने अपने संबोधन में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने 21वीं सदी के भारत के लिए डिजिटल विकास की परिकल्पना की थी। उनके मुताबिक बाद में यूपीए सरकार के दौरान कॉमन सर्विस सेंटर जैसी पहल शुरू हुई और आज इसका असर देश के ग्रामीण इलाकों तक दिखाई दे रहा है।

कार्यक्रम में ये अधिकारी रहे मौजूद

सीएससी के 17वें स्थापना दिवस समारोह में पंचायती राज विभाग की निदेशक राजेश्वरी बी, यूआईडीएआई रांची के निदेशक नीरज कुमार, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अपर सचिव राज कुमार गुप्ता समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी और कॉमन सर्विस सेंटर से जुड़े प्रतिनिधि मौजूद रहे।

समारोह में बेहतर काम करने वाले VLE को सम्मानित करने के साथ ग्रामीण डिजिटल सेवाओं के विस्तार और ई-कॉमर्स के जरिए ग्रामीण उत्पादों को नया बाजार उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया।

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