Friday, May 15, 2026

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झारखंड में अनाधिकृत मकानों को बड़ी राहत: भवन नियमितीकरण पोर्टल लॉन्च, अब ऑनलाइन होगा आवेदन

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Jharkhand Launches Online Portal for Unauthorized Building Regularization, Relief for Homeowners

रांची: झारखंड सरकार ने राज्य के शहरी क्षेत्रों में अनाधिकृत रूप से बने मकानों को नियमित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। नगर विकास मंत्री Sudivya Kumar ने गुरुवार को प्रोजेक्ट भवन से झारखंड अनाधिकृत निर्मित भवन नियमितीकरण नियमावली, 2026 के तहत ऑनलाइन पोर्टल का शुभारंभ किया। इस पोर्टल के माध्यम से अब लोग अपने अनियमित मकानों के नियमितीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।

मंत्री श्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री Hemant Soren की पहल पर राज्य के लोगों को राहत देने के उद्देश्य से यह योजना लाई गई है। उन्होंने कहा कि सरकार उन लोगों को एक अवसर देना चाहती है जिन्होंने बिना नक्शा पास कराए या मास्टर प्लान के अनुरूप मकान बना लिए हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह योजना अनियमित निर्माण को बढ़ावा देने के लिए नहीं, बल्कि पहले से बने भवनों को कानूनी रूप से नियमित करने का एक मौका है। सरकार ने प्रक्रिया को सरल और “लिबरल” बनाया है ताकि आम लोग आसानी से इसका लाभ उठा सकें। नियमितीकरण शुल्क को तीन किस्तों में जमा करने की सुविधा भी दी गई है।

मंत्री ने जनता से अपील की कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन करें और इस योजना को सफल बनाने में सरकार का सहयोग करें।

किन भवनों का होगा नियमितीकरण?

सरकार के अनुसार:

  • केवल G+2 तक के भवनों का नियमितीकरण होगा।
  • 300 वर्गमीटर से कम क्षेत्रफल वाले मकान इस दायरे में आएंगे।
  • पोर्टल लॉन्च होने के बाद 2 माह के भीतर आवेदन करना होगा।
  • आवेदन के बाद लगभग 6 माह के भीतर निर्णय लिया जाएगा।

नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव श्री सुनील कुमार ने कहा कि राज्य सरकार शहरीकरण को व्यवस्थित और आधुनिक बनाने पर गंभीरता से काम कर रही है। उन्होंने बताया कि रांची में कई फ्लाईओवर परियोजनाएं चल रही हैं और नगर निकायों के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर फोकस किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का स्पष्ट निर्देश है कि शहरों का विकास योजनाबद्ध तरीके से हो ताकि सड़क, फुटपाथ, नाली, बस स्टैंड और अन्य शहरी सुविधाएं व्यवस्थित रहें।

सूडा के निदेशक श्री सूरज कुमार ने कहा कि भवन नियमितीकरण नियमावली-2026 आम लोगों के लिए राहत लेकर आई है। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और लोगों को इसका लाभ उठाना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान पोर्टल का लाइव डेमोंस्ट्रेशन भी प्रस्तुत किया गया।

इस मौके पर नगर विकास विभाग एवं राज्य शहरी विकास अभिकरण के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

संभावित लाभ

विशेषज्ञों के अनुसार, इस योजना से हजारों ऐसे परिवारों को राहत मिल सकती है जिनके मकान वर्षों से कानूनी मान्यता के अभाव में विभिन्न परेशानियों का सामना कर रहे थे। नियमितीकरण के बाद लोगों को बैंकिंग, बिजली-पानी कनेक्शन और संपत्ति संबंधी प्रक्रियाओं में भी सुविधा मिलने की उम्मीद है।

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