
झारखंड के वेटरनरी डॉक्टरों को हाईकोर्ट से झटका, डीएसीपी और 65 साल की सेवानिवृत्ति पर लगी रोक

रांची: झारखंड के वेटरनरी डॉक्टरों को डायनेमिक एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (डीएसीपी) का लाभ देने और उनकी सेवानिवृत्ति की उम्र सीमा 60 से बढ़ाकर 65 वर्ष करने के मामले में हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। मंगलवार को चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस मनोज प्रसाद की खंडपीठ ने एकल पीठ के आदेश पर रोक लगा दी। इससे राज्य सरकार को बड़ी राहत मिली है।
राज्य सरकार ने एकल पीठ के आदेश को दी थी चुनौती
मामले में राज्य सरकार की ओर से एकल पीठ के उस आदेश के खिलाफ अपील याचिका दायर की गई थी, जिसमें वेटरनरी डॉक्टरों को एलोपैथिक चिकित्सकों की तर्ज पर डीएसीपी का लाभ देने का निर्देश दिया गया था। इसके साथ ही उनकी सेवानिवृत्ति की उम्र सीमा 60 वर्ष से बढ़ाकर 65 वर्ष करने का आदेश भी दिया गया था।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद लगी रोक
मंगलवार को हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की ओर से दलीलें पेश की गईं। पक्षों को सुनने के बाद खंडपीठ ने एकल पीठ के आदेश पर रोक लगाने का निर्णय लिया। इस फैसले से फिलहाल वेटरनरी डॉक्टरों को डीएसीपी और बढ़ी हुई सेवानिवृत्ति आयु का लाभ मिलने पर रोक लग गई है।
दिसंबर में होगी अगली सुनवाई
हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई दिसंबर महीने में निर्धारित की है। अब इस मामले में आगे की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलों और राज्य सरकार की अपील पर विचार किया जाएगा। फिलहाल एकल पीठ के आदेश पर रोक लगने से राज्य सरकार को राहत मिली है।




