
झारखंड में लालफीताशाही पर वित्त मंत्री सख्त, मुख्य सचिव को पत्र लिखकर उठाए सवाल

रांची, 24 अक्टूबर 2026। अबूआ न्यूज़ झारखंड
झारखंड सरकार के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था में जटिल प्रक्रियाओं और लालफीताशाही की मानसिकता पर सवाल उठाए हैं। इस संबंध में उन्होंने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर प्रशासनिक कामकाज को सरल, पारदर्शी और जनहित के अनुरूप बनाने की आवश्यकता बतायी है। मंत्री का मानना है कि सरकारी व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जिससे आम नागरिकों और सरकारी पदाधिकारियों को अनावश्यक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े।
ईज ऑफ लिविंग और ईज ऑफ गवर्नेंस पर दिया जोर
वित्त मंत्री ने अपने पत्र में कहा है कि जिस तरह कारोबार को बढ़ावा देने के लिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत नियमों को आसान और लचीला बनाने पर जोर दिया जा रहा है, उसी तरह आम लोगों के जीवन को सरल बनाने और प्रशासनिक कार्यों को सुगम बनाने के लिए भी ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने ईज ऑफ लिविंग और ईज ऑफ गवर्नेंस की दिशा में प्रभावी पहल करने की जरूरत बतायी है।
एचआरएमएस पोर्टल खोलने की समयसीमा पर उठाया सवाल
मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने मानव संपदा पोर्टल (एचआरएमएस) को अधिक समय तक उपलब्ध रखने की आवश्यकता भी जतायी है। उन्होंने पत्र में पुलिस संघ के पदाधिकारियों की ओर से संपत्ति विवरण जमा करने के लिए पोर्टल खोलने की मांग का उल्लेख किया है। मंत्री के अनुसार, पुलिस संघ के पदाधिकारियों ने इस संबंध में लिखित ज्ञापन सौंपा था, लेकिन उन्हें बताया गया कि पोर्टल खोलने की निर्धारित अवधि जनवरी-फरवरी है। ऐसे में तय अवधि के बाद पोर्टल खोलना संभव नहीं होने की बात कही गयी।
300 पुलिस पदाधिकारियों के मामले में विशेष व्यवस्था की मांग
वित्त मंत्री ने इस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि करीब 300 पुलिस पदाधिकारी किसी कारणवश निर्धारित समय के भीतर अपनी संपत्ति का विवरण जमा नहीं कर पाते हैं, तो उन्हें वर्ष के बीच में भी यह सुविधा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विशेष परिस्थितियों में एचआरएमएस पोर्टल खोलने से कार्मिक विभाग को किसी तरह का प्रशासनिक नुकसान नहीं होगा। मंत्री ने प्रशासनिक प्रक्रियाओं में व्यावहारिक लचीलापन अपनाने और अनावश्यक नियमों के कारण कर्मचारियों को होने वाली परेशानी दूर करने की जरूरत पर बल दिया है।




