अब 14 अगस्त 2026 तक कर सकेंगे आवेदन, झारखंड के कई विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों के जियोलॉजी छात्र ले सकेंगे प्रशिक्षण में हिस्सा

रांची: झारखंड में जियोलॉजी से पोस्ट ग्रेजुएशन कर रहे छात्रों के लिए राहत की खबर है। खान एवं भूतत्व विभाग के भूतत्व निदेशालय ने भूवैज्ञानिक जांच से संबंधित शॉर्ट टर्म ट्रेनिंग के लिए आवेदन की अंतिम तारीख बढ़ा दी है। अब इच्छुक और योग्य छात्र 14 अगस्त 2026 तक आवेदन कर सकते हैं।
पहले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 25 जुलाई 2026 तय की गई थी। छात्रों को अतिरिक्त मौका देते हुए निदेशालय ने अब इसकी समय-सीमा बढ़ा दी है।भूतत्व निदेशालय की ओर से राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों के जियोलॉजी विभागों को इस संबंध में जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। संबंधित संस्थानों को प्रशिक्षण में शामिल होने वाले योग्य और इच्छुक छात्रों की सूची तय समय के भीतर निदेशालय को उपलब्ध करानी होगी।
आवेदन करने वाले छात्रों को अपनी शैक्षणिक योग्यता से जुड़े प्रमाणपत्रों की प्रतियां जमा करनी होंगी। वहीं, आरक्षण का लाभ लेने वाले अभ्यर्थियों को आवेदन के साथ संबंधित श्रेणी का प्रमाणपत्र भी देना होगा। निदेशालय के मुताबिक, छात्रों से संबंधित सभी जरूरी दस्तावेज 24 अगस्त 2026 तक निदेशालय में उपलब्ध कराना अनिवार्य है। इसके बाद अभ्यर्थियों के चयन समेत आगे की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार पूरी की जाएगी।
इन संस्थानों के छात्र कर सकेंगे आवेदन
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में झारखंड के कई प्रमुख विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों के जियोलॉजी छात्र हिस्सा ले सकेंगे। इनमें रांची विश्वविद्यालय, सेंट जेवियर कॉलेज, विनोबा भावे विश्वविद्यालय, IIT-ISM धनबाद, नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय, कोल्हान विश्वविद्यालय, सिदो-कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय, सेंट्रल यूनिवर्सिटी और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय शामिल हैं।
यह शॉर्ट टर्म ट्रेनिंग जियोलॉजी के छात्रों को भूवैज्ञानिक जांच से जुड़े व्यावहारिक और तकनीकी पहलुओं को समझने का अवसर दे सकती है। छात्रों के लिए अहम बात यह है कि आवेदन की अंतिम तारीख 14 अगस्त 2026 है, जबकि संबंधित दस्तावेज निदेशालय में जमा कराने की अंतिम समय-सीमा 24 अगस्त निर्धारित की गई है।

