झारखंड विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी, BDS ने पूरे परिसर की ली तलाशी; पुलिस ने शुरू की जांच

0
77
Share This Post

12 अगस्त को कर्मचारियों को आया था धमकी भरा फोन, 20 अगस्त को दर्ज हुई FIR; जांच में नहीं मिला कोई संदिग्ध सामान

रांची: झारखंड विधानसभा की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। एक अज्ञात व्यक्ति ने 12 अगस्त 2026 को विधानसभा के कुछ कर्मचारियों को फोन कर परिसर को बम से उड़ाने की धमकी दी थी। फोन करने वाले ने कर्मचारियों से विधानसभा नहीं आने को भी कहा था। मामले की जानकारी पुलिस को बाद में मिली और 20 अगस्त को विधानसभा थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई। इसके बाद रांची पुलिस ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए विधानसभा परिसर की सुरक्षा जांच शुरू कराई।

BDS ने पूरे विधानसभा परिसर को खंगाला

धमकी की सूचना मिलने के बाद बम निरोधक दस्ता यानी BDS की टीम को विधानसभा परिसर में भेजा गया। टीम ने परिसर के अलग-अलग हिस्सों, संभावित संवेदनशील स्थानों और अन्य जगहों की बारीकी से जांच की। काफी देर तक चली जांच के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री नहीं मिली। जांच पूरी होने के बाद पुलिस और प्रशासन ने राहत की सांस ली।

धमकी देने वाले की तलाश में जुटी पुलिस

रांची पुलिस अब उस व्यक्ति तक पहुंचने में जुटी है, जिसने फोन कर धमकी दी थी। पुलिस के अनुसार संबंधित मोबाइल नंबर की तकनीकी जांच की जा रही है। आरोपी की पहचान के लिए पुलिस की तकनीकी टीम को लगाया गया है। कॉल से जुड़े रिकॉर्ड और दूसरी डिजिटल जानकारियों की भी जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि फोन किसने किया और धमकी देने के पीछे उसका मकसद क्या था।

12 अगस्त की कॉल, 20 अगस्त को FIR

पुलिस के मुताबिक धमकी भरा फोन 12 अगस्त को आया था, लेकिन इसकी सूचना पुलिस को 20 अगस्त को मिली। सूचना मिलने के बाद प्राथमिकी दर्ज कर सुरक्षा जांच कराई गई। फिलहाल पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि धमकी देने वाले ने जानबूझकर कॉल की थी या किसी तरह की अफवाह फैलाने के मकसद से यह कदम उठाया गया।

रांची में पहले भी मिल चुकी हैं ऐसी धमकियां

रांची में सरकारी संस्थानों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले सिविल कोर्ट, डीसी कार्यालय और पासपोर्ट कार्यालय जैसे महत्वपूर्ण सरकारी संस्थानों को भी इस तरह की धमकियां मिल चुकी हैं। कुछ मामलों में बार-बार धमकी दिए जाने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने जांच की थी। हर बार तलाशी अभियान चलाया गया, लेकिन मौके से कोई विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई।

ईमेल के बाद अब कॉल से धमकी

पहले सामने आए कई मामलों में धमकियां ईमेल के जरिए भेजे जाने की बात सामने आई थी। विधानसभा से जुड़ा मौजूदा मामला इसलिए अलग है, क्योंकि इसमें सीधे फोन कॉल के जरिए धमकी दिए जाने की जानकारी सामने आई हैपुलिस अब कॉल करने वाले की पहचान और उसके उद्देश्य का पता लगाने में जुटी है।

विधानसभा की सुरक्षा को लेकर बढ़ी सतर्कता

धमकी के बाद विधानसभा परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की भी जांच की गई है। हालांकि BDS की तलाशी में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली, लेकिन पुलिस इस मामले को हल्के में नहीं ले रही है। फिलहाल जांच का मुख्य फोकस धमकी भरे कॉल के स्रोत का पता लगाने, आरोपी की पहचान करने और यह जानने पर है कि इस कॉल के पीछे सिर्फ अफवाह फैलाने की कोशिश थी या कोई अन्य मकसद।

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here