दूसरे चरण में 224 आवेदन मिले थे, जांच के बाद सभी पात्र; दोनों चरणों में अब तक 722 सीटों पर नामांकन सुनिश्चित

रांची: शिक्षा के अधिकार अधिनियम यानी RTE Act, 2009 की धारा 12(1)(ब) के तहत निजी स्कूलों की प्रवेश कक्षा में आरक्षित 25 प्रतिशत सीटों पर नामांकन के लिए रांची में दूसरे चरण की ऑनलाइन लॉटरी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। जिला प्रशासन की निगरानी में आयोजित इस लॉटरी के जरिए 35 निजी स्कूलों में 89 बच्चों का चयन किया गया है। चयनित बच्चों को संबंधित स्कूलों में बिना किसी शुल्क के दाखिला मिलेगा। उन्हें कक्षा आठवीं तक निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।
224 आवेदनों की हुई जांच
वर्ष 2026-27 के दूसरे चरण में RTE के तहत नामांकन के लिए जिला प्रशासन को कुल 224 आवेदन प्राप्त हुए थे। सभी आवेदनों की जांच और दस्तावेज सत्यापन के बाद सभी 224 आवेदन लॉटरी के लिए पात्र पाए गए। इसके बाद जिले के 39 मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में उपलब्ध 183 सीटों के लिए चयन प्रक्रिया शुरू की गई। ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से पात्र बच्चों का चयन किया गया।
35 स्कूलों में 89 बच्चों का चयन

लॉटरी के नतीजे के अनुसार जिले के 35 निजी स्कूलों में कुल 89 बच्चों का चयन हुआ है। चयनित बच्चों के नामांकन की प्रक्रिया अब संबंधित विद्यालयों में पूरी की जाएगी। जिला प्रशासन ने सभी संबंधित स्कूलों को एक सप्ताह के भीतर नामांकन प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है, ताकि बच्चों की पढ़ाई समय पर शुरू हो सके।
दोनों चरणों में 722 सीटों पर नामांकन
RTE के तहत चल रही नामांकन प्रक्रिया में यह दूसरा चरण था। प्रशासन के अनुसार दोनों चरणों को मिलाकर अब तक 722 सीटों पर नामांकन सुनिश्चित किया जा चुका है। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक और सामाजिक रूप से वंचित वर्ग के बच्चों को निजी स्कूलों में बेहतर शिक्षा का अवसर उपलब्ध कराना है।
बिना फीस के मिलेगी पढ़ाई की सुविधा
RTE के तहत चयनित बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए किसी तरह की फीस नहीं देनी होगी। बच्चों को निर्धारित प्रावधानों के तहत कक्षा आठवीं तक पूरी तरह निःशुल्क शिक्षा दी जाएगी। इससे ऐसे परिवारों के बच्चों को भी निजी विद्यालयों में पढ़ने का अवसर मिलेगा, जो आर्थिक कारणों से इन स्कूलों की फीस वहन नहीं कर सकते।
जिला प्रशासन की निगरानी में हुई लॉटरी

ऑनलाइन लॉटरी की पूरी प्रक्रिया उपविकास आयुक्त संजय कुमार भगत की अध्यक्षता में आयोजित की गई। समाहरणालय स्थित NIC सभागार में हुए कार्यक्रम के दौरान जिला शिक्षा पदाधिकारी वसीम अहमद, जिला शिक्षा अधीक्षक बादल राज, सहायक जिला सूचना एवं विज्ञान पदाधिकारी रीमा कुजूर, एडीपीओ सहित शिक्षा विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। प्रशासन ने पूरी प्रक्रिया को तकनीकी रूप से सुरक्षित और पारदर्शी बनाए रखने पर जोर दिया।
अंतिम पंक्ति के बच्चों तक शिक्षा पहुंचाने का प्रयास
जिला प्रशासन का कहना है कि RTE के प्रावधानों को प्रभावी तरीके से लागू करने का उद्देश्य वंचित और कमजोर वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का समान अवसर देना है। दूसरे चरण की लॉटरी के बाद अब चयनित बच्चों के नामांकन की प्रक्रिया शुरू होगी। प्रशासन ने स्कूल प्रबंधन को निर्धारित समय में दाखिला पूरा करने का निर्देश दिया है, ताकि योजना का लाभ बच्चों तक समय पर पहुंच सके।

