Jharkhand AI: अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बताएगा कहां छिपा है खनिजों का खजाना, जानें कैसे काम करेगा
झारखंड, जो देश के प्रमुख खनिज उत्पादक राज्यों में से एक है, अब खनिजों की खोज के लिए Jharkhand AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सहारा लेने जा रहा है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के दावोस दौरे के दौरान खनिज अन्वेषण में AI के इस्तेमाल पर चर्चा हुई थी, जिसके बाद खान एवं भूतत्व विभाग ने इस दिशा में कदम बढ़ाया है । Jharkhand AI के तहत पुराने भू-वैज्ञानिक रिकॉर्ड, सैटेलाइट तस्वीरों और ड्रिलिंग डेटा का विश्लेषण कर संभावित खनिज क्षेत्रों की पहचान की जाएगी।
Jharkhand AI से खनिज अन्वेषण में कैसे होगा बदलाव?
Jharkhand AI का उपयोग खनिज अन्वेषण में कई स्तरों पर किया जाएगा। वर्तमान में किसी क्षेत्र में खनिज की संभावना का पता लगाने के लिए भू-वैज्ञानिक सर्वे, मैपिंग, सैंपलिंग और ड्रिलिंग जैसी प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है, जिसमें काफी समय और संसाधन लगते हैं। Jharkhand AI की मदद से शुरुआत में ही बड़े क्षेत्र में से संभावित इलाकों को छांटने में मदद मिल सकती है। इसके बाद वैज्ञानिक उन्हीं चिन्हित क्षेत्रों में विस्तृत सर्वे, सैंपलिंग और ड्रिलिंग कर खनिज की वास्तविक मौजूदगी की पुष्टि करेंगे।
IIT (ISM) धनबाद की टीम ने हाल ही में IndiaAI हैकाथॉन में “CricSM AI” नामक AI-संचालित प्रणाली विकसित की, जिसने पहला स्थान प्राप्त किया। यह प्रणाली बड़े भाषा मॉडल, एन्सेम्बल मशीन लर्निंग और कन्वोल्यूशनल न्यूरल नेटवर्क को मिलाकर झारखंड, राजस्थान, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश जैसे क्षेत्रों में सोना, हीरा, ग्रेफाइट, तांबा, लोहा और मैंगनीज जैसे खनिजों के भंडार की भविष्यवाणी कर सकती है । यह Jharkhand AI की व्यावहारिक क्षमता का एक ठोस उदाहरण है।
Jharkhand AI के तहत खनिज अन्वेषण की इस नई तकनीक को समझने के लिए 8 सितंबर को विभाग की ओर से सेमिनार आयोजित किया जाएगा, जिसमें AI और तकनीकी क्षेत्र के विशेषज्ञ अधिकारियों को प्रशिक्षण देंगे। Jharkhand AI के इस सेमिनार में यह समझाया जाएगा कि अलग-अलग स्रोतों से मिले डेटा का इस्तेमाल करके संभावित खनिज क्षेत्रों की पहचान कैसे की जा सकती है।
Jharkhand AI: कैसे काम करेगी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस?
Jharkhand AI के तहत पूरी प्रक्रिया में सबसे पहले सैटेलाइट तस्वीरों और रिमोट सेंसिंग डेटा से जमीन और भू-संरचना से जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी। इसके बाद पुराने भू-वैज्ञानिक सर्वे, ड्रिलिंग रिपोर्ट, सैंपल और खनिज मानचित्र जैसे रिकॉर्ड को भी सिस्टम में शामिल किया जाएगा। Jharkhand AI इन अलग-अलग स्रोतों से मिले डेटा का मिलान कर उनमें छिपे पैटर्न को खोजेगा और उन क्षेत्रों को प्राथमिकता देगा जहां किसी खास खनिज के मिलने की संभावना अधिक हो।
Jharkhand AI का यह दृष्टिकोण डेटा-संचालित खनिज संभावना मानचित्रण (Mineral Prospectivity Mapping) पर आधारित है। शोधकर्ताओं के अनुसार, मशीन लर्निंग और डीप लर्निंग तकनीकों के उपयोग से भूवैज्ञानिक, भूभौतिकीय, भू-रासायनिक और रिमोट सेंसिंग डेटा का विश्लेषण कर 80% से अधिक सटीकता के साथ संभावित खनिज क्षेत्रों की पहचान की जा सकती है । Jharkhand AI के इस तरीके से अनावश्यक सर्वे और ड्रिलिंग पर होने वाला समय और खर्च दोनों कम किया जा सकेगा।
Jharkhand AI: खनिज नीति से लेकर डिजिटल गवर्नेंस तक
Jharkhand AI सिर्फ खनिज अन्वेषण तक सीमित नहीं है। राज्य सरकार ने Jharkhand AI Policy 2026-2031 का मसौदा तैयार किया है, जिसमें शासन, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा और खनिज प्रशासन में AI के उपयोग पर जोर दिया गया है ।
Jharkhand AI के तहत प्रस्तावित मुख्य पहलों में शामिल हैं:
- मुख्यमंत्री डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (CM-DIP): सरकारी योजनाओं की वास्तविक समय में निगरानी
- क्रिटिकल मिनरल्स एडमिनिस्ट्रेशन सिस्टम (CMAS): खनिज प्रशासन को मजबूत करने के लिए डेटा-संचालित मॉनिटरिंग
- स्वास्थ्य एवं पोषण निगरानी प्रणाली (HNVS): स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार
Jharkhand AI पॉलिसी के लिए सरकार ने अगले पांच वर्षों में 1,150 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव रखा है । Jharkhand AI के तहत राज्य का लक्ष्य 2050 तक 10,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आकर्षित करना, 50 से अधिक ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित करना और 1,000 से अधिक AI स्टार्टअप्स को समर्थन देना है ।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने Jharkhand AI को लेकर कहा है कि “हमारी पहचान सिर्फ खानों से नहीं, बल्कि दिमाग से भी तय होनी चाहिए। हमें सिर्फ अपने संसाधनों के लिए नहीं, बल्कि अपने शोध के लिए भी जाना जाना चाहिए” ।
Jharkhand AI का झारखंड के लिए महत्व
Jharkhand AI का यह कदम राज्य की पहचान को सिर्फ खनिज निष्कर्षण वाले राज्य से बदलकर नवाचार और प्रौद्योगिकी के केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। Jharkhand AI के माध्यम से कोयला, लौह अयस्क, तांबा, बॉक्साइट और यूरेनियम के साथ-साथ लिथियम जैसे महत्वपूर्ण खनिजों की तलाश भी की जा सकेगी, जो आने वाले समय में राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगा। Jharkhand AI के सफल कार्यान्वयन से खनिज अन्वेषण अधिक कुशल, लागत-प्रभावी और सटीक होगा।
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