Jamshedpur News: रक्षाबंधन पर पेड़ों को बांधी राखी, पद्मश्री जमुना टुडू ने लिया जंगल बचाने का संकल्प
Jamshedpur News के अनुसार, रक्षाबंधन का त्योहार इस बार जमशेदपुर के चाकुलिया में बेहद अनोखे अंदाज में मनाया गया। जहां आमतौर पर भाई-बहन आपस में राखी बांधते हैं, वहीं यहां ग्रामीणों ने पेड़ों को अपना भाई मानकर उन्हें रक्षा सूत्र बांधा और जंगल बचाने का संकल्प लिया।
चाकुलिया प्रखंड के भालुकबिंदा-सुनसुनिया जंगल में गुरुवार को वन प्रबंधन एवं संरक्षण महासमिति की ओर से रक्षाबंधन महोत्सव आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व पर्यावरण संरक्षण के लिए चर्चित पद्मश्री जमुना टुडू ने किया।
पद्मश्री जमुना टुडू के नेतृत्व में पेड़ों को बांधी राखी
Jamshedpur News के अनुसार, समारोह के दौरान लोगों ने साल के पेड़ों की आरती उतारी और उन्हें रक्षा सूत्र बांधकर जंगल की सुरक्षा का संकल्प लिया। इसके बाद जंगल परिसर में पौधरोपण भी किया गया।
कार्यक्रम में शंख ध्वनि के बीच अतिथियों और ग्रामीणों ने साल वृक्षों की पूजा-अर्चना की। इस दौरान धमसा और मांदर की थाप पर पारंपरिक नृत्य भी हुआ। आदिवासी परंपरा और पर्यावरण संरक्षण के इस अनूठे मेल ने पूरे कार्यक्रम को खास बना दिया।
‘जंगल है तो हम हैं’
Jamshedpur News के मुताबिक, पद्मश्री जमुना टुडू ने कहा कि जंगल केवल पेड़ों का समूह नहीं, बल्कि इंसानों के साथ-साथ पशु-पक्षियों और दूसरे जीव-जंतुओं के जीवन का आधार हैं। जंगल सुरक्षित रहेंगे, तभी पर्यावरण और जैव विविधता भी सुरक्षित रह सकेगी।
उन्होंने कहा कि वह पेड़ों को अपने भाई की तरह मानती हैं और हर साल उन्हें रक्षा सूत्र बांधकर उनकी लंबी उम्र की कामना करती हैं। जमुना टुडू ने लोगों से जंगलों की रक्षा को अपनी जिम्मेदारी समझने की अपील करते हुए कहा कि “जंगल है, तभी हमारा अस्तित्व है”।
अतिथियों का पारंपरिक स्वागत
Jamshedpur News के अनुसार, समारोह में थाना प्रभारी राजेश कुमार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। वहीं घाटशिला जिला परिषद सदस्य देवयानी मुर्मू, सेवानिवृत्त शिक्षिका विजया लक्ष्मी बेदुला और राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित सेवानिवृत्त खेल शिक्षक रामस्वरूप यादव विशिष्ट अतिथि रहे।
अतिथियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। उन्हें तिलक लगाया गया, पुष्पवर्षा की गई और साल के पत्तों से बनी टोपी पहनाकर सम्मानित किया गया।
जंगल संरक्षण का संकल्प
Jamshedpur News के मुताबिक, मुख्य अतिथि थाना प्रभारी राजेश कुमार ने कहा कि जंगल झारखंड की पहचान हैं और इनके संरक्षण के लिए समाज के हर वर्ग को आगे आना चाहिए।
उन्होंने लोगों से अपील की कि हर परिवार बच्चे के जन्म के अवसर पर कम से कम एक पौधा जरूर लगाए। उन्होंने कहा कि सिर्फ पौधा लगाना ही नहीं, बल्कि उसकी देखभाल और उसे बड़ा करना भी जरूरी है।
जिला परिषद सदस्य देवयानी मुर्मू ने जंगलों के संरक्षण की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जंगलों के क्षेत्र में लगातार हस्तक्षेप होने से वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास प्रभावित होता है और कई बार वे भोजन और पानी की तलाश में आबादी वाले इलाकों में पहुंच जाते हैं।
निष्कर्ष
Jamshedpur News के अनुसार, यह अनोखा रक्षाबंधन समारोह पर्यावरण संरक्षण का एक प्रेरणादायक संदेश देता है। पद्मश्री जमुना टुडू के नेतृत्व में हुई इस पहल ने साबित कर दिया कि पर्यावरण संरक्षण को त्योहारों और परंपराओं से जोड़ा जा सकता है। ग्रामीणों ने पेड़ों को राखी बांधकर संकल्प लिया कि वे जंगलों की कटाई नहीं होने देंगे और पर्यावरण को सुरक्षित रखेंगे।
Russia Ukraine War: रातभर ड्रोन-मिसाइल हमले, 7 लोगों की मौत; बेलगोरोड-खार्किव में भारी तबाही
JPSC Protest: वाटर कैनन के बीच छात्रों ने किया डांस, 17वें दिन भी नहीं थमा विरोध


