झारखंड के 8 से 10 हजार रिटायर्ड शिक्षकों को मिलेगा ग्रेड-1 का एरियर, ₹5 से ₹15 लाख तक हो सकता है लाभ

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शिक्षा विभाग ने जारी किया नया निर्देश; सेवानिवृत्त और दिवंगत शिक्षकों को भी नियुक्ति तिथि से ग्रेड-1 प्रोन्नति का वित्तीय लाभ, 2019 के पुराने प्रावधान से वंचित शिक्षकों को राहत

Jharkhand Teacher Grade-1 Arrear: झारखंड के हजारों सेवानिवृत्त शिक्षकों और दिवंगत शिक्षकों के आश्रितों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। राज्य के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने नियुक्ति तिथि से ग्रेड-1 प्रोन्नति का वित्तीय लाभ देने को लेकर नया दिशा-निर्देश जारी किया है। इस फैसले से राज्य के करीब 8 से 10 हजार सेवानिवृत्त और दिवंगत शिक्षक लाभान्वित हो सकते हैं। अनुमान के मुताबिक पात्रता और सेवाकाल के आधार पर एक शिक्षक को करीब ₹5 लाख से ₹15 लाख तक का वित्तीय लाभ मिल सकता है।

1982 से 2012 के बीच नियुक्त शिक्षकों से जुड़ा मामला

यह मामला मुख्य रूप से उन शिक्षकों से जुड़ा है, जिनकी नियुक्ति वर्ष 1982 से 2012 के बीच हुई थी और नियुक्ति के समय वे अप्रशिक्षित थे। इन शिक्षकों ने नौकरी के दौरान सेवाकालीन प्रशिक्षण प्राप्त किया था। इसके बाद उनकी ग्रेड-1 प्रोन्नति और उससे मिलने वाले वित्तीय लाभ को लेकर लंबे समय से मामला चल रहा था।

2019 में लिया गया था महत्वपूर्ण फैसला

राज्य सरकार ने वर्ष 2019 में ऐसे शिक्षकों को नियुक्ति तिथि से ग्रेड-1 में प्रोन्नति और उससे संबंधित वित्तीय लाभ देने का निर्णय लिया था। लेकिन उस समय विभाग की ओर से जारी पत्र में एक शर्त के कारण बड़ी संख्या में पूर्व शिक्षक इसका लाभ नहीं ले पाए थे। 2019 के पत्र में कहा गया था कि निर्देश जारी होने से पहले जो शिक्षक सेवानिवृत्त हो चुके हैं या जिनका निधन हो चुका है, उन्हें इसका वित्तीय लाभ नहीं मिलेगा। इस प्रावधान के कारण हजारों पूर्व शिक्षक और दिवंगत शिक्षकों के परिवार वित्तीय लाभ से वंचित रह गए थे।

शिक्षकों ने खटखटाया था अदालत का दरवाजा

वित्तीय लाभ नहीं मिलने के बाद प्रभावित शिक्षकों की ओर से इस मामले में याचिका दायर की गई थी। इसके बाद ग्रेड-1 का लाभ सेवानिवृत्त और दिवंगत शिक्षकों तक पहुंचाने का मामला आगे बढ़ा। अब स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने इस संबंध में नया पत्र जारी कर स्थिति स्पष्ट कर दी है।

अब रिटायर्ड शिक्षकों को भी मिलेगा वित्तीय लाभ

नए दिशा-निर्देश के अनुसार, पात्र सेवानिवृत्त शिक्षकों को भी उनकी नियुक्ति तिथि से ग्रेड-1 प्रोन्नति के साथ वित्तीय लाभ दिया जाएगा।वहीं ऐसे पात्र शिक्षक जिनका निधन हो चुका है, उनके मामले में भी ग्रेड-1 से संबंधित देय वित्तीय लाभ का रास्ता साफ हुआ है।

इस फैसले से उन शिक्षकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है जो 2019 के निर्णय के बावजूद सेवानिवृत्ति या निधन के कारण इसका आर्थिक लाभ नहीं प्राप्त कर पाए थे।

₹5 से ₹15 लाख तक मिल सकता है एरियर

इस निर्णय का आर्थिक प्रभाव भी बड़ा हो सकता है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, अलग-अलग शिक्षकों की नियुक्ति तिथि, सेवाकाल और देय राशि के आधार पर वित्तीय लाभ अलग-अलग होगा।

अनुमान है कि एक पात्र शिक्षक को करीब ₹5 लाख से ₹15 लाख तक का लाभ मिल सकता है। राज्यभर में ऐसे शिक्षकों की संख्या करीब 8 हजार से 10 हजार बताई जा रही है। हालांकि प्रत्येक शिक्षक को मिलने वाली वास्तविक राशि उसके सेवा रिकॉर्ड और विभागीय गणना के बाद ही तय होगी।

हजारों शिक्षक परिवारों को राहत

नए निर्देश के बाद अब संबंधित शिक्षकों के सेवा अभिलेख और पात्रता के आधार पर वित्तीय लाभ की गणना की प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है। यह फैसला खास तौर पर उन सेवानिवृत्त शिक्षकों और दिवंगत शिक्षकों के परिवारों के लिए महत्वपूर्ण है, जो वर्षों से नियुक्ति तिथि से ग्रेड-1 प्रोन्नति के आर्थिक लाभ का इंतजार कर रहे थे।

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