ठगों ने अधिकारी बनकर किया फोन, गर्भवती महिलाओं को ₹5-6 हजार लाभ का दिया झांसा; प्रशासन ने जारी की सावधानी की अपील

रांची: जामताड़ा से साइबर ठगी का एक नया मामला सामने आया है, जहां अब ठगों ने सरकारी योजनाओं का नाम लेकर आंगनबाड़ी केंद्रों और गर्भवती महिलाओं को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। साइबर अपराधियों ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) के नाम पर ठगी का नया तरीका अपनाया। ठगों ने खुद को जिला अधिकारी बताकर आंगनबाड़ी सेविकाओं को फोन किया और योजना के तहत लाभ दिलाने का झांसा दिया।
ठगों के पास गर्भवती महिलाओं से जुड़ी निजी जानकारी मौजूद थी, जिससे सेविकाओं को कॉल असली होने का भ्रम हुआ। फोन करने वालों ने पहली संतान के लिए 5 हजार रुपये और दूसरी संतान बेटी होने पर 6 हजार रुपये की सहायता राशि दिलाने का लालच दिया। इसके बाद साइबर अपराधियों ने राशि भेजने के बहाने पीड़ितों से ही 7 हजार रुपये जमा करने की मांग कर दी। जब लोगों ने इस पर सवाल उठाए तो ठगों ने दबाव बनाने के लिए धमकी और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया।
साइबर अपराधियों ने SIR कार्य में BLO के तौर पर जुड़ी कुछ सेविकाओं को भी अपना निशाना बनाने की कोशिश की। हालांकि समय रहते लोगों ने सतर्कता दिखाई और मामले की जानकारी जामताड़ा साइबर थाना तक पहुंचाई। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विभाग की ओर से इस तरह के कोई फोन कॉल नहीं किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि सरकारी योजनाओं के नाम पर आने वाले संदिग्ध कॉल से सावधान रहें और किसी भी अज्ञात व्यक्ति के साथ बैंक जानकारी, OTP या पैसे साझा न करें।
साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्कता ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है।

