बिष्टुपुर फिल्टर पंप हाउस का फुटवॉल्व फिर खराब, पांच दिन पहले हुई थी मरम्मत; मंगलवार सुबह भी जलापूर्ति प्रभावित रहने की आशंका

जमशेदपुर: शहर के बागबेड़ा हाउसिंग कॉलोनी इलाके में एक बार फिर पेयजल संकट गहरा गया है। बिष्टुपुर स्थित फिल्टर पंप हाउस में तकनीकी खराबी आने के कारण सोमवार को सुबह और शाम दोनों समय जलापूर्ति बाधित रही। इससे करीब 1140 क्वार्टरों में रहने वाले हजारों लोगों को पानी की समस्या का सामना करना पड़ा। बताया गया कि फिल्टर पंप हाउस का फुटवॉल्व खराब होने के कारण पंप काम नहीं कर सका। नतीजतन बागबेड़ा हाउसिंग कॉलोनी जलापूर्ति योजना से जुड़े घरों तक पानी नहीं पहुंच पाया।
पांच दिन बाद ही दोबारा खराब हुआ फुटवॉल्व
स्थानीय लोगों के मुताबिक, फुटवॉल्व में इससे पहले भी खराबी आई थी। करीब पांच दिन पहले ही इसकी मरम्मत कर पंप को चालू कराया गया था। लेकिन सोमवार को एक बार फिर उसी फुटवॉल्व में तकनीकी समस्या आ गई।
लगातार खराबी से लोगों में विभाग और संबंधित संवेदक के खिलाफ नाराजगी बढ़ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बार-बार तकनीकी समस्या के कारण उन्हें नियमित पेयजल के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है।
मंगलवार सुबह भी पानी की सप्लाई पर संशय
पंप के दोबारा चालू नहीं होने के कारण मंगलवार सुबह भी जलापूर्ति प्रभावित रहने की आशंका जताई गई है। समस्या की जानकारी विभाग के जेई आशुतोष कुमार और एसडीओ जितेंद्र कुमार को दे दी गई है। स्थानीय प्रतिनिधियों की ओर से जल्द से जल्द खराबी दूर कर नियमित जलापूर्ति बहाल करने की मांग की गई है।
1.80 करोड़ की योजना, फिर भी बार-बार परेशानी
स्थानीय लोगों का कहना है कि बागबेड़ा हाउसिंग कॉलोनी जलापूर्ति योजना के तहत बिष्टुपुर में करीब 1.80 करोड़ रुपये की लागत से फिल्टर पंप हाउस का निर्माण कराया गया है। इसके बावजूद बार-बार तकनीकी खराबी सामने आने से योजना की कार्यप्रणाली और रखरखाव पर सवाल उठ रहे हैं। पंचायत समिति सदस्य सुनील गुप्ता ने कहा कि पंप हाउस और पूरी जलापूर्ति व्यवस्था की पर्याप्त निगरानी नहीं होने के कारण लोगों को नियमित और स्वच्छ पेयजल नहीं मिल पा रहा है।
उपायुक्त से मिलकर सौंपेंगे मांग पत्र
स्थानीय प्रतिनिधियों ने अब मामले को जिला प्रशासन के सामने रखने की तैयारी की है। पंचायत समिति सदस्य सुनील गुप्ता के अनुसार, मंगलवार को उपायुक्त राजीव रंजन से मुलाकात कर मांग पत्र सौंपा जाएगा। इसमें बिष्टुपुर स्थित फिल्टर पंप हाउस और पूरी जलापूर्ति योजना की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराने, बार-बार खराबी के कारणों का पता लगाने और संबंधित संवेदक की जिम्मेदारी तय कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की जाएगी।
फिलहाल स्थानीय लोगों की सबसे बड़ी चिंता यही है कि तकनीकी खराबी कब तक दूर होगी और 1140 घरों में नियमित जलापूर्ति आखिर कब बहाल होगी।

