Itki All India Institute: रांची में 1000 करोड़ से बनेगा AIIA, 40 एकड़ में आयुर्वेद अस्पताल-मेडिकल कॉलेज-योग सेंटर, जानें पूरा प्लान

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Itki All India Institute: 1000 करोड़ की लागत से बनेगा अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान

रांची: झारखंड में आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा को नई दिशा देने की तैयारी शुरू हो गई है। राजधानी रांची के इटकी स्थित रुक्मा आरोग्य धाम (सेनेटोरियम) परिसर में एम्स की तर्ज पर इटकी All India Institute यानी ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद (AIIA) स्थापित करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। इस प्रस्तावित परियोजना के तहत लगभग 40 से 50 एकड़ भूमि पर अत्याधुनिक आयुर्वेद अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और योग सेंटर विकसित किए जाने का प्रस्ताव है। इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 1000 करोड़ रुपये है, जिसमें केंद्र और राज्य सरकार दोनों की वित्तीय भागीदारी होगी।

इटकी All India Institute को इस परियोजना के लिए इसलिए चुना गया क्योंकि यह स्थान रांची से मात्र 25 किलोमीटर दूर है, जिससे परिवहन की सुविधा बनी रहेगी। इससे पहले भी इटकी में एक मेडिकल सिटी विकसित करने की योजना पर चर्चा होती रही है।


इटकी All India Institute (AIIA) क्या है?

इटकी All India Institute यानी ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद (AIIA) को आयुर्वेद के क्षेत्र में एक शीर्ष संस्थान के रूप में परिकल्पित किया गया है। इसका उद्देश्य आयुर्वेद की पारंपरिक ज्ञान परंपरा को आधुनिक उपकरणों और तकनीक के साथ एकीकृत करना है। इटकी All India Institute आयुर्वेद की विभिन्न शाखाओं में स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट पाठ्यक्रम प्रदान करेगा और आयुर्वेदिक दवाओं के विकास, मानकीकरण, गुणवत्ता नियंत्रण और वैज्ञानिक मान्यता पर शोध पर ध्यान केंद्रित करेगा।

एक मानक इटकी All India Institute में 200 बेड का रेफरल अस्पताल, 25 विशेषता विभाग, 12 क्लीनिक और 8 अंतःविषय अनुसंधान प्रयोगशालाएं होती हैं।


इटकी All India Institute: प्रस्तावित परियोजना की मुख्य बातें

विशेषताविवरण
स्थानइटकी टीबी सेनेटोरियम परिसर, रांची
भूमि40-50 एकड़
लागतलगभग 1000 करोड़ रुपये
सुविधाएंअत्याधुनिक आयुर्वेद अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, योग सेंटर, अनुसंधान सुविधाएं
वर्तमान स्थितिभूमि निरीक्षण और नापी का कार्य जारी
लाभआयुर्वेद शिक्षा, उपचार और शोध को बढ़ावा, रोजगार के अवसर

इटकी All India Institute की वर्तमान स्थिति और आगे की प्रक्रिया

हाल ही में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने इटकी All India Institute के प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण किया और अधिकारियों को पहले चरण में 40 एकड़ भूमि की नापी शीघ्र पूरी करने का निर्देश दिया। इसके बाद विस्तृत रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।

भूमि का निरीक्षण

प्रस्तावित इटकी All India Institute के लिए चयनित भूमि का निरीक्षण स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और विशेषज्ञों की टीम ने किया। टीम में आयुष विभाग के निदेशक डॉ. कृष्ण कुमार शाह समेत अन्य अधिकारी शामिल थे। निरीक्षण के दौरान परियोजना की व्यवहारिकता और आवश्यक संसाधनों का आकलन किया गया।

80 बेड वाले सेनेटोरियम परिसर का होगा उपयोग

अधिकारियों के अनुसार, इटकी All India Institute के लिए इटकी सेनेटोरियम परिसर में पहले से उपलब्ध लगभग 80 बेड की सुविधा इस परियोजना के लिए उपयोगी साबित होगी। निरीक्षण के बाद विस्तृत रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।


इटकी All India Institute के फायदे

इस इटकी All India Institute के स्थापित होने से झारखंड को कई लाभ होंगे:

  • गुणवत्तापूर्ण आयुर्वेद शिक्षा: छात्रों को उच्च स्तरीय आयुर्वेद शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
  • उन्नत आयुर्वेदिक उपचार: राज्य के मरीजों को आधुनिक सुविधाओं से लैस आयुर्वेदिक उपचार मिलेगा।
  • रोजगार के अवसर: संस्थान से क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
  • अनुसंधान को बढ़ावा: आयुष क्षेत्र में शोध, प्रशिक्षण और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार होगा।
  • दूसरे राज्यों पर निर्भरता कम: विशेषज्ञ चिकित्सा के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भरता कम होगी।

इटकी में अन्य स्वास्थ्य परियोजनाएं

इटकी में पहले से ही एक 250 बेड का मेडिकल कॉलेज और अस्पताल बन रहा है, जो जनवरी 2027 में शुरू होने की संभावना है। इस अस्पताल को बाद में बढ़ाकर 1300 बेड किया जाएगा और 2028 बैच से यहां एमबीबीएस की पढ़ाई भी शुरू होगी। यह अस्पताल पूरी तरह गैर-लाभकारी होगा और गरीबों को सरकारी दर पर चिकित्सीय सुविधाएं प्रदान करेगा।

इन दोनों परियोजनाओं के पूरा होने पर इटकी झारखंड का एक प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र बन जाएगा, जहां एलोपैथिक और आयुर्वेद दोनों तरह की चिकित्सा सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी।

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