भारत में कैफीन युक्त पेय पदार्थों की बिक्री और लेबलिंग को लेकर भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने बड़ा फैसला लिया है। अब कोई भी कंपनी अपने कैफीन युक्त पेय उत्पादों पर “Energy Drink” या उससे मिलते-जुलते शब्दों का उपयोग नहीं कर सकेगी। यह FSSAI major decision उन सभी कंपनियों पर लागू होगा जो हाई-कैफीन वाले पेय पदार्थ बेचती हैं, जिनमें Pepsi, Red Bull, Monster Beverage, Reliance Consumer Products और Hell Energy शामिल हैं।
90 दिनों में बदलने होंगे सभी लेबल
FSSAI major decision के तहत कंपनियों को निर्देश दिया गया है कि वे 90 दिनों के भीतर अपने सभी उत्पादों के लेबल बदलें। इसके लिए कंपनियों को सीमित समय दिया गया है। FSSAI के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रजित पुन्हानी ने उद्योग प्रतिनिधियों के साथ बैठक में कंपनियों के व्यावसायिक प्रभाव के तर्कों को खारिज कर दिया और कहा कि वे अदालत में इस फैसले को चुनौती देने के लिए स्वतंत्र हैं।
क्यों लिया गया यह फैसला?
FSSAI major decision के पीछे मुख्य कारण यह है कि “Energy Drink” शब्द भारतीय खाद्य मानकों में मान्यता प्राप्त श्रेणी नहीं है। FSSAI का कहना है कि ऐसे पेय पदार्थों के लिए कोई भारतीय मानक निर्धारित नहीं हैं और यह दावा कि यह पेय “शरीर और मन को सक्रिय करते हैं” या “सामान्य कमजोरी में सहायक हैं”, भ्रामक हो सकता है। इससे उपभोक्ताओं के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है और यह संदेश जा सकता है कि ऐसे पेय शरीर और मानसिक क्षमता बढ़ाने में सहायक हैं, जबकि इसके पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं।
उद्योग जगत ने जताई चिंता
इंडियन बेवरेज एसोसिएशन (IBA) सहित कई उद्योग संगठनों ने इस FSSAI major decision पर चिंता जताई है। IBA ने FSSAI को 6 जुलाई 2026 को एक पत्र लिखकर कहा कि इस तरह के नियामक बदलावों को लागू करने से पहले अधिक सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए। उनका कहना है कि लेबल बदलने की प्रक्रिया से कंपनियों पर अतिरिक्त लागत का बोझ पड़ेगा और बाजार में मौजूद उत्पादों की पैकेजिंग बदलने में समय लगेगा। हालांकि FSSAI ने कंपनियों की मांग पर प्रारंभिक समयसीमा बढ़ाकर 90 दिन कर दी है।
युवाओं में तेजी से बढ़ रही खपत
रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 15 से 19 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं और शहरी क्षेत्रों में कैफीन युक्त पेय पदार्थों की मांग लगातार बढ़ रही है। अनुमान है कि भारतीय एनर्जी ड्रिंक बाजार 2028 तक लगभग 1.6 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। वर्ष 2018 से 2023 के बीच इस बाजार में करीब 100 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर दर्ज की गई है। इस FSSAI major decision का उद्देश्य इस तेजी से बढ़ते बाजार में उपभोक्ताओं को सही जानकारी देना है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने दी चेतावनी
FSSAI के अधिकारियों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अधिक मात्रा में कैफीन युक्त पेय पदार्थों का सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। खासकर बच्चों और किशोरों को ऐसे पेय पदार्थों से दूरी बनाने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों के अनुसार संतुलित आहार और पर्याप्त नींद ही शरीर को प्राकृतिक ऊर्जा प्रदान करते हैं।
क्या बदलेगा उपभोक्ताओं के लिए?
इस FSSAI major decision के बाद बाजार में बिकने वाले कई लोकप्रिय कैफीन युक्त पेय पदार्थों की पैकेजिंग बदली हुई दिखाई दे सकती है। नए नियम लागू होने के बाद उत्पादों की पैकेजिंग पर “Energy Drink” की जगह कोई अन्य शब्द होगा। हालांकि उत्पादों की गुणवत्ता या बिक्री पर तत्काल कोई रोक नहीं होगी, लेकिन कंपनियों को FSSAI के नए लेबलिंग मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा।
बाहरी संसाधन
- FSSAI की आधिकारिक वेबसाइट: https://fssai.gov.in
- FSSAI Food Safety Connect पोर्टल: https://foscos.fssai.gov.in
- स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय: https://www.mohfw.gov.in
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