भ्रामक दावों और लेबलिंग नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई, दुकानदारों और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म को स्टॉक वापस लेने का निर्देश

रांची: खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता और लेबलिंग को लेकर भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण यानी FSSAI ने बड़ा कदम उठाया है। देशभर में 115 खाद्य उत्पादों को बाजार से हटाने और उनकी बिक्री रोकने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद झारखंड में भी इन उत्पादों के खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है। रांची में खाद्य सुरक्षा विभाग ने जांच अभियान तेज कर दिया है।
FSSAI की ओर से चिन्हित उत्पादों में पतंजलि दूध बिस्कुट, किंडर जॉय, सफोला टोटल हार्ट प्रो कुकिंग ऑयल, रेड बुल, स्टिंग एनर्जी, मॉन्स्टर एनर्जी और गेटोरेड स्पोर्ट्स ड्रिंक जैसे कई लोकप्रिय प्रोडक्ट शामिल हैं।
इन उत्पादों पर मुख्य रूप से भ्रामक दावे, गलत या भ्रामक लेबलिंग और खाद्य सुरक्षा से जुड़े निर्धारित मानकों के उल्लंघन को लेकर आपत्ति जताई गई है।
दुकानदारों को स्टॉक हटाने का निर्देश
FSSAI और झारखंड के खाद्य सुरक्षा आयुक्त के निर्देश के बाद रांची में खाद्य कारोबारियों को भी कार्रवाई के दायरे में लाया गया है। खाद्य सुरक्षा शाखा की ओर से जारी नोटिस में डिस्ट्रीब्यूटर, दुकानदार, खुदरा विक्रेता और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म को चिन्हित उत्पादों का मौजूदा स्टॉक बाजार से वापस लेने और उनकी बिक्री रोकने को कहा गया है।
किन उत्पादों पर उठे सवाल?
चिन्हित उत्पादों में पतंजलि दूध बिस्कुट पर 100 प्रतिशत आटा होने के दावे को लेकर सवाल उठाए गए हैं। वहीं किंडर जॉय में मिल्क सॉलिड्स से जुड़े दावे और सफोला टोटल हार्ट प्रो में हार्ट हेल्थ से संबंधित दावों को लेकर आपत्ति दर्ज की गई है।
इसके अलावा रेड बुल, स्टिंग एनर्जी, मॉन्स्टर एनर्जी, हेल एनर्जी, एड्रेनालिन रश और कैम्पा एनर्जी जैसे कैफीनयुक्त पेय भी सूची में शामिल हैं। इन प्रोडक्ट्स में ‘एनर्जी ड्रिंक’ या ‘स्पोर्ट्स ड्रिंक’ जैसे नामों के इस्तेमाल को लेकर नियमों के पालन की जांच की जा रही है।
आइसक्रीम से लेकर बेबी फूड तक शामिल
FSSAI की सूची सिर्फ बिस्कुट और एनर्जी ड्रिंक तक सीमित नहीं है। इसमें अमूल शुगर-फ्री आइसक्रीम, रॉ प्रेसरी मैंगो ड्रिंक, मास्टरचाउ रेमन नूडल्स, लोटे चोको पाई, डाबर हार्ट केयर, ब्राउन ब्रेड, टोफू और कुछ बेबी फूड उत्पाद भी शामिल हैं।
रॉ प्रेसरी मैंगो ड्रिंक में ‘बिना एडेड शुगर’ जैसे दावे को लेकर भी सवाल उठाया गया है।
नियमों की अनदेखी पर होगी कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग ने साफ किया है कि अगर कोई कारोबारी चिन्हित उत्पादों की बिक्री जारी रखता है या रिकॉल के निर्देशों का पालन नहीं करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 52 और 53 समेत अन्य संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई का प्रावधान है।
विभाग ने खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को लगातार बाजारों में जांच करने और इन उत्पादों की बिक्री पर रोक सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
ग्राहकों को भी सावधान रहने की सलाह
खाद्य सुरक्षा विभाग ने आम लोगों से भी खरीदारी के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है। ग्राहकों को किसी भी पैक्ड फूड को खरीदने से पहले उसकी लेबलिंग, पोषण संबंधी जानकारी और पैकेज पर किए गए दावों को ध्यान से जांचने की सलाह दी गई है।

