
Education Minister Dharmendra Pradhan ने दिया इस्तीफा, CJP के 36 दिन के आंदोलन के बाद मानी सरकार
Education Minister Dharmendra Pradhan केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई 2026 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। यह फैसला NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर देश भर में चल रहे व्यापक छात्र आंदोलन और लगातार बढ़ते दबाव के बाद आया है । धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट किए गए दो पन्नों के हिंदी पत्र में अपने इस्तीफे की घोषणा की ।
इस्तीफे के पीछे क्या कारण रहे?
अपने इस्तीफे के पत्र में धर्मेंद्र प्रधान ने स्पष्ट किया कि यह उनके लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का मामला नहीं है । उन्होंने लिखा कि “जंतर-मंतर और देश भर में उत्पन्न स्थिति का राष्ट्र विरोधी ताकतें फायदा न उठाएं, देश की एकता बनी रहे, भारत के एक-एक छात्र का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में न उलझे, और हमारे बच्चे अपना समय पढ़ाई में लगाएं” — इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफा भेजा ।
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पत्र में यह भी कहा कि पिछले 10 दिनों की घटनाओं से उनका मन बहुत दुखी है और जिम्मेदार पदों पर बैठे कुछ लोगों ने छात्रों को गुमराह करने की कोशिश की, जिससे उन्हें गहरी पीड़ा हुई ।
NEET विवाद और सरकार की कार्रवाई
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे में NEET-UG मामले को संभालने के लिए सरकार के कदमों का बचाव भी किया । उन्होंने बताया कि 3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG परीक्षा में अनियमितताओं की शिकायत मिलते ही सरकार ने तुरंत कार्रवाई की। मामले की जांच CBI को सौंपी गई, परीक्षा रद्द कर दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया गया, और अगले साल से NEET को पूरी तरह कंप्यूटर आधारित (CBT) मोड में आयोजित करने की घोषणा की गई ।
CJP आंदोलन और छात्रों की जीत
यह इस्तीफा कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में चल रहे 36 दिनों के लंबे छात्र आंदोलन की सबसे बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है । 20 जून को जंतर-मंतर से शुरू हुआ यह आंदोलन NEET-UG पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में अनियमितताओं के खिलाफ था ।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर मिलते ही जंतर-मंतर पर जश्न का माहौल बन गया । CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा, “कॉकरोच जीत गए। लोकतंत्र जीत गया” । दीपके ने कहा कि “झुकती है दुनिया झुकाने वाला चाहिए” और इसे लोकतंत्र की जीत बताया ।
सरकार की अन्य सहमतियां
CJP ने तीन मुख्य मांगें रखी थीं — शिक्षा मंत्री का इस्तीफा, आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा, और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई न करने का आश्वासन । शनिवार को हुई वार्ता में सरकार ने CJP की इन मांगों को स्वीकार कर लिया और NDA शासित राज्यों में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी FIR वापस लेने का वादा किया ।
नए शिक्षा मंत्री की नियुक्ति
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार कर लिया और उपभोक्ता मामलों एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया ।
बाहरी संसाधन
- शिक्षा मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट: https://www.education.gov.in
- हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट: https://www.hindustantimes.com
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