Cyber Fraudsters in Jamtara: बैंक अधिकारी बनकर ठगी करने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार, देशभर में फैले नेटवर्क की जांच जारी

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Cyber Fraudsters in Jamtara झारखंड के साइबर अपराध के गढ़ माने जाने वाले जामताड़ा में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है[1][2]. जामताड़ा और मिहिजाम थाना क्षेत्र में संयुक्त छापेमारी कर पुलिस ने तीन साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी बैंक अधिकारी बनकर लोगों को झांसा देते थे और केवाईसी अपडेट, एटीएम कार्ड बंद होने तथा खाता सत्यापन के नाम पर लाखों रुपये की साइबर ठगी को अंजाम देते थे[3].

पुलिस अधीक्षक शंभू कुमार सिंह ने प्रेस वार्ता में बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर जामताड़ा थाना क्षेत्र के सोनबाद, पांडेडीह तथा मिहिजाम थाना क्षेत्र के बेवा गांव के समीप जंगल में संयुक्त छापेमारी की गई[4]. इस कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया[5].

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विक्रम दां (26 वर्ष), निवासी सोनबाद, थाना जामताड़ा; जय कुमार दास (23 वर्ष), निवासी पांडेडीह, थाना जामताड़ा; और हेमंत दास (34 वर्ष), निवासी बेवा, थाना मिहिजाम के रूप में हुई है[5].

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 6 मोबाइल फोन, 8 सिम कार्ड, 2 एटीएम कार्ड और 1 मोटरसाइकिल बरामद की है[5][6]. जब्त किए गए सभी डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है[7].

पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी खुद को बैंक अधिकारी बताकर लोगों को फोन करते थे[8]. वे बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम कार्ड बंद होने, केवाईसी अपडेट कराने या बैंक खाता सत्यापन का बहाना बनाकर ग्राहकों से एटीएम कार्ड नंबर, ओटीपी, सीवीवी और अन्य गोपनीय बैंकिंग जानकारी हासिल कर लेते थे[9]. इसके बाद खातों से रकम निकालकर साइबर ठगी को अंजाम देते थे[10].

जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह Amazon Pay ऐप के माध्यम से मोबाइल नंबर जुटाता था[4]. इसके बाद ई-वॉलेट एक्टिवेशन और केवाईसी अपडेट के नाम पर लोगों को झांसा देकर बैंकिंग जानकारी हासिल की जाती थी और उनके खातों से पैसे उड़ा लिए जाते थे[11].

इस मामले में साइबर थाना में कांड संख्या 48/26 दर्ज किया गया है[9]. साइबर डीएसपी अमित कुमार के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने थाना प्रभारी राजेश मंडल के नेतृत्व में यह कार्रवाई की[12]. पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है[13].

एसपी ने आशंका जताई कि गिरोह का नेटवर्क केवल झारखंड तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के कई राज्यों तक फैला हो सकता है[5]. पूछताछ और डिजिटल फॉरेंसिक जांच के बाद साइबर सिंडिकेट के अन्य सदस्यों तक पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है[14].

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है[15].

बाहरी संसाधन

  • राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल: https://cybercrime.gov.in
  • साइबर हेल्पलाइन नंबर: 1930
  • जामताड़ा जिला पुलिस: https://jamtara.nic.in/police

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