राम मंदिर और छात्र प्रदर्शन के मुद्दे पर दिनभर चला विपक्ष का विरोध, दोनों सदनों की कार्यवाही रही बाधित; फिर भी सरकार ने अहम विधेयकों को आगे बढ़ाया।

नई दिल्ली : संसद के मानसून सत्र के 12वें दिन मंगलवार को विपक्ष के हंगामे के बीच भी सरकार ने अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाया। अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे को लेकर लोकसभा और राज्यसभा में लगातार विरोध प्रदर्शन हुआ, जिसके कारण दोनों सदनों की कार्यवाही कई बार बाधित हुई और अंततः पूरे दिन के लिए स्थगित करनी पड़ी।
हालांकि, राजनीतिक गतिरोध के बावजूद सरकार ने कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर कार्रवाई जारी रखी। लोकसभा ने बिना चर्चा के विनियोग (संख्या-3) विधेयक, 2026 को ध्वनिमत से पारित कर दिया। वहीं, राज्यसभा ने जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 को मंजूरी दे दी।
इसी दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में कराधान एवं अन्य विधियां (संशोधन) विधेयक, 2026 भी पेश किया। सरकार का कहना है कि यह विधेयक कर व्यवस्था को अधिक सरल और निवेश के अनुकूल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
कराधान संशोधन विधेयक की प्रमुख बातें
कराधान एवं अन्य विधियां (संशोधन) विधेयक, 2026 में कई अहम प्रावधान शामिल किए गए हैं।
- यह विधेयक आयकर (संशोधन) अध्यादेश, 2026 का स्थान लेगा।
- इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र को दी जा रही कर रियायतों की अवधि बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है।
- विदेशी निवेश कोष (ऑफशोर फंड) के लिए कर संबंधी कुछ शर्तों को सरल बनाने का प्रावधान भी विधेयक में शामिल है।
सरकार का मानना है कि इन संशोधनों से निवेश को बढ़ावा मिलेगा और कर प्रणाली को अधिक पारदर्शी एवं आसान बनाया जा सकेगा।
विपक्ष के विरोध के कारण सदन की कार्यवाही भले ही सामान्य रूप से नहीं चल सकी, लेकिन सरकार ने महत्वपूर्ण विधायी कार्यों को आगे बढ़ाते हुए अपने एजेंडे पर कार्रवाई जारी रखी। संसद में इन विधेयकों को लेकर आगे भी चर्चा और प्रक्रिया जारी रहने की संभावना है।

