JPSC भर्ती परीक्षा घोटाले में CID का बड़ा खुलासा, परीक्षा एजेंसी और कोचिंग नेटवर्क के गठजोड़ के मिले सबूत

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पांच जिलों में 18 ठिकानों पर छापेमारी के दौरान 6 करोड़ रुपये के चेक, OMR शीट की कॉपी, एडमिट कार्ड और जमीन के दस्तावेज बरामद; तीन और गिरफ्तारी के बाद आरोपियों की संख्या 14 पहुंची।

रांची : झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही सीआईडी को बड़ी सफलता मिली है। राज्य के पांच जिलों में 18 अलग-अलग ठिकानों पर की गई छापेमारी के दौरान जांच एजेंसी ने बड़ी मात्रा में दस्तावेज और वित्तीय रिकॉर्ड बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में परीक्षा एजेंसी, कुछ कोचिंग संचालकों और बिचौलियों के बीच कथित गठजोड़ के संकेत मिले हैं।

सीआईडी के अनुसार, छापेमारी के दौरान करीब 6 करोड़ रुपये के चेक, OMR शीट की प्रतियां, अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड, जमीन से जुड़े दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण रिकॉर्ड जब्त किए गए हैं। एजेंसी इन दस्तावेजों की जांच कर यह पता लगाने में जुटी है कि भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियां किस स्तर तक फैली थीं।

तीन और एजेंट गिरफ्तार, कुल गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 14

जांच के दौरान सीआईडी ने तीन और कथित एजेंटों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही इस मामले में अब तक गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है और आगे भी कार्रवाई की संभावना है।

नौकरी दिलाने के नाम पर अभ्यर्थियों से वसूले जाते थे पैसे

जांच में सामने आया है कि कुछ अभ्यर्थियों से सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा देकर नकद राशि और जरूरी दस्तावेज लिए जाते थे। सीआईडी इस बात की भी जांच कर रही है कि इस कथित नेटवर्क में किन-किन लोगों की भूमिका रही और धन का लेनदेन किस प्रकार किया गया।

OMR शीट की फॉरेंसिक जांच का सुझाव भी आया सामने

सूत्रों के अनुसार, 14वीं JPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम घोषित करने से पहले कुछ OMR शीट की फॉरेंसिक जांच कराने का सुझाव दिया गया था। हालांकि, यह प्रक्रिया नहीं अपनाई गई। अब सीआईडी इस पहलू की भी जांच कर रही है कि उस समय फॉरेंसिक जांच क्यों नहीं कराई गई और इससे जांच पर क्या प्रभाव पड़ा।

फिलहाल सीआईडी पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। जब्त किए गए दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। जांच एजेंसी का कहना है कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच के बाद आवश्यक कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

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