मत्स्यपालकों को मिलेगा आर्थिक सुरक्षा कवच, झारखंड में एक्वाकल्चर बीमा योजना जागरूकता कार्यक्रम शुरू

0
323
Share This Post

शालीमार स्थित मत्स्य किसान प्रशिक्षण केंद्र में दो दिवसीय कार्यक्रम का शुभारंभ, NFDP पोर्टल पर किसानों का मौके पर कराया गया पंजीकरण

रांची: झारखंड में मत्स्यपालकों को प्राकृतिक आपदा और आर्थिक नुकसान से सुरक्षा देने की दिशा में मत्स्य निदेशालय ने पहल शुरू की है। रांची के शालीमार, धुर्वा स्थित मत्स्य किसान प्रशिक्षण केंद्र में मंगलवार से दो दिवसीय ‘एक्वाकल्चर बीमा योजना जागरूकता कार्यक्रम’ शुरू हुआ। कार्यक्रम का आयोजन 18 और 19 अगस्त 2026 को प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना के तहत किया जा रहा है।

मत्स्यपालकों के लिए बीमा को बताया आर्थिक सुरक्षा का माध्यम

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के संयुक्त सचिव मनोज कुमार ने मत्स्यपालकों को बीमा योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि एक्वाकल्चर बीमा मछली पालन से जुड़े किसानों के लिए संभावित नुकसान की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा प्रदान कर सकता है। उन्होंने मत्स्य कृषकों से NFDP पोर्टल पर जल्द पंजीकरण कराने की अपील की।

किसानों को बीमा प्रक्रिया की दी गयी जानकारी

मत्स्य निदेशक अमरेन्द्र कुमार ने कहा कि विभाग का प्रयास है कि अधिक से अधिक पात्र मत्स्यपालकों को बीमा योजना का लाभ मिले। इसके लिए किसानों को आवश्यक जानकारी और नीतिगत सहयोग उपलब्ध कराया जायेगा।

कार्यक्रम में NFDB हैदराबाद के वरिष्ठ बीमा विशेषज्ञ अमर कुमार नायक तथा एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी (AIC), रांची की क्षेत्रीय प्रबंधक आशा प्रसाद और उप प्रबंधक मनीषा टोप्पो ने किसानों को एक्वाकल्चर बीमा की प्रक्रिया, दावों और इससे मिलने वाले लाभों की जानकारी दी।

मौके पर कराया गया NFDP पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन

कार्यक्रम में शामिल मत्स्यपालकों की सुविधा के लिए CSC टीम ने मौके पर ही NFDP पोर्टल पर पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करायी। विभिन्न जिलों से पहुंचे मत्स्यजीवी सहयोग समितियों के सदस्यों और मत्स्यपालकों ने बीमा योजना से जुड़े सवाल पूछे। अधिकारियों और विशेषज्ञों ने उनकी व्यावहारिक समस्याओं का समाधान भी किया।

बड़ी संख्या में मत्स्यपालक हुए शामिल

कार्यक्रम में उप सचिव राजीव रंजन तिवारी, संयुक्त निदेशक संजय गुप्ता, उप निदेशक शंभू प्रसाद यादव समेत विभाग के कई अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से आये मत्स्यपालकों ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

मत्स्य विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द NFDP पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराएं और एक्वाकल्चर बीमा योजना का लाभ उठाकर मत्स्य पालन से जुड़े संभावित आर्थिक जोखिम को कम करें।

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here