शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में फैसला, बच्चों के जन्म प्रमाणपत्र बनवाकर आधार तैयार कराने पर जोर; 70% उपस्थिति का लक्ष्य, 919 नए बैंक खाते भी खुले

जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिले में जन्म प्रमाणपत्र नहीं होने के कारण हजारों बच्चों का आधार कार्ड नहीं बन पा रहा है। जिले के 7,238 बच्चे इस समस्या से प्रभावित हैं। अब प्रशासन ऐसे बच्चों के लिए विशेष शिविर आयोजित कर जन्म प्रमाणपत्र बनाने की प्रक्रिया पूरी करेगा, ताकि इसके बाद उनका आधार नामांकन कराया जा सके।
यह फैसला सोमवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में हुई शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में लिया गया। बैठक में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति, आधार कार्ड, बैंक खाते, आवासीय विद्यालयों, साइकिल वितरण समेत शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
आधार निर्माण के लिए ऑपरेटरों की होगी तैनाती
बच्चों के आधार कार्ड बनाने और पुराने आधार में जरूरी अपडेट कराने के काम में तेजी लाने के लिए पर्याप्त संख्या में आधार ऑपरेटरों की प्रतिनियुक्ति करने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन का फोकस यह सुनिश्चित करना है कि जन्म प्रमाणपत्र और आधार के अभाव में कोई भी पात्र बच्चा सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।
70 फीसदी से कम उपस्थिति पर सख्ती

बैठक में विद्यार्थियों की स्कूल उपस्थिति को लेकर भी चर्चा हुई। चाकुलिया, डुमरिया और मुसाबनी प्रखंडों में छात्रों की कम उपस्थिति पर उपायुक्त ने नाराजगी जताई। उन्होंने जिले के सभी प्रखंडों में विद्यार्थियों की कम से कम 70 प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने का लक्ष्य तय किया है। अधिकारियों को स्कूल स्तर पर लगातार निगरानी करने और कम उपस्थिति वाले क्षेत्रों में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में रिटायर्ड शिक्षकों की ली जाएगी मदद
जिले के सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में पढ़ाई की गुणवत्ता बेहतर करने के लिए निजी स्कूलों के सेवानिवृत्त और इच्छुक शिक्षकों की सेवाएं लेने की योजना है। उपायुक्त ने विषयवार शिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अनुभवी शिक्षकों की मदद लेने का निर्देश दिया। इसके साथ ही विद्यार्थियों को ऑफलाइन के साथ ऑनलाइन माध्यम से भी पढ़ाई उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया, ताकि किसी विषय की पढ़ाई प्रभावित न हो।
आवासीय स्कूलों के अधूरे भवन जल्द होंगे पूरे
बैठक में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय और नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालय की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। जुलाई में जिला और प्रखंड स्तर के अधिकारियों द्वारा किए गए निरीक्षण की रिपोर्ट के आधार पर स्कूलों में लंबित भवन निर्माण कार्यों को जल्द पूरा कराने का निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य में देरी की वजह से बच्चों के रहने और पढ़ाई की व्यवस्था प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
एक महीने में खुले 919 बैंक खाते
विद्यार्थियों के बैंक खातों की स्थिति की समीक्षा में बताया गया कि पिछले एक महीने में 919 नए बैंक खाते खोले गए हैं। उपायुक्त ने बैंक खाता खोलने की प्रक्रिया में और तेजी लाने को कहा, ताकि सरकारी योजनाओं की राशि पात्र विद्यार्थियों के बैंक खातों में सीधे पहुंचाई जा सके। साथ ही आधार कार्ड बनाने और अपडेट करने के लिए पर्याप्त ऑपरेटर उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।
बची हुई साइकिलें जल्द बांटने का निर्देश
बैठक में स्कूलों में साइकिल वितरण योजना की भी समीक्षा हुई। अधिकारियों ने बताया कि वितरण के बाद कुछ साइकिलें अभी बची हुई हैं। इस पर उपायुक्त ने निर्देश दिया कि बची हुई साइकिलों को जल्द से जल्द सभी पात्र छात्र-छात्राओं के बीच वितरित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सरकारी योजनाओं के योग्य लाभुक बच्चों को किसी भी योजना का लाभ मिलने में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
प्रशासन का फोकस
पूर्वी सिंहभूम प्रशासन की इस समीक्षा बैठक में मुख्य रूप से आधार निर्माण, जन्म प्रमाणपत्र, बैंक खाते, स्कूल उपस्थिति, बेहतर शिक्षण व्यवस्था और छात्र कल्याण योजनाओं को समय पर लागू करने पर जोर दिया गया। खासकर 7,238 बच्चों के आधार निर्माण में आ रही बाधा को दूर करने के लिए विशेष कैंप लगाने का फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

