
चार महीने में प्याज के दाम 85% बढ़े, चीनी भी हुई महंगी; आम लोगों की जेब पर बढ़ा बोझ
नई दिल्ली, 26 अक्टूबर 2026।अबूआ न्यूज़ झारखंड
देश में जरूरी खाद्य वस्तुओं की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। इसका सीधा असर आम लोगों के घरेलू बजट पर पड़ रहा है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मासिक रिपोर्ट के अनुसार, जून से सितंबर के बीच प्याज की कीमतों में करीब 85 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं, जुलाई से अगस्त के बीच चीनी के दाम में लगभग 34 फीसदी का उछाल आया।
कम भंडार और अनियमित बारिश बनी वजह
आरबीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, प्याज की कीमतों में तेजी के पीछे रबी की फसल का कम भंडार और असमान बारिश के कारण खरीफ की नई फसल की आवक को लेकर बनी अनिश्चितता प्रमुख कारण रहे। बाजार में नई फसल की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका से प्याज के दाम तेजी से बढ़े। इसके चलते उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है।
चीनी की कीमतों में भी आया उछाल
चीनी की कीमतों में भी जुलाई की शुरुआत से अगस्त के अंत तक करीब 34 फीसदी की वृद्धि हुई। इस दौरान चीनी का भाव बढ़कर लगभग 64 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया। मांग और आपूर्ति के बीच अंतर के अलावा व्यापारियों की ओर से पहले से स्टॉक जमा करने को भी कीमतों में तेजी की एक वजह माना गया।
सरकारी कदमों के बाद चीनी के दाम में नरमी
रिपोर्ट के अनुसार, सरकार की ओर से उठाए गए कदमों के बाद सितंबर में चीनी की कीमतों में कुछ नरमी देखने को मिली। हालांकि, खाद्य वस्तुओं की कीमतों में जारी उतार-चढ़ाव के कारण घरेलू खर्च पर दबाव बना हुआ है। प्याज और चीनी जैसी रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं के महंगे होने से आम परिवारों का बजट प्रभावित हो रहा है।




