
108 एंबुलेंस कर्मियों की अधिकांश मांगें मंजूर, फिर भी हड़ताल हुई तो नई एजेंसी और ड्राइवरों की होगी बहाली: स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी
Jharkhand Health Minister Irfan Ansari Warns 108 Ambulance Workers of Strict Action if Strike Continues Despite Acceptance of Key Demands
रांची। झारखंड में 108 एंबुलेंस सेवा से जुड़े कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने आंदोलनकारी कर्मचारियों के अध्यक्ष और प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक कर उनकी अधिकांश प्रमुख मांगों को स्वीकार करने पर सहमति जताई है। साथ ही स्पष्ट चेतावनी दी है कि इसके बावजूद यदि कर्मचारी हड़ताल जारी रखते हैं और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को बाधित करते हैं, तो सरकार नई एजेंसी और नए ड्राइवरों की बहाली सहित आवश्यक कदम उठाएगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन मरीजों की जिंदगी से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जा सकता।
कर्मचारियों को बच्चों की तरह समझा, लेकिन मरीजों की सेवा सर्वोपरि: मंत्री
बैठक के दौरान डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि उन्होंने हमेशा 108 एंबुलेंस सेवा से जुड़े कर्मचारियों को अपने बच्चों की तरह समझा है और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास किया है।
उन्होंने कहा, “मैंने आपकी मांगों को सम्मानपूर्वक सुना और लगभग सभी मांगें मान लीं। त्योहार के अवसर पर कर्मचारियों के भुगतान की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इसके बावजूद यदि आप लोग हड़ताल करते हैं, तो फिर सरकार अपना निर्णय लेगी। मरीजों की जिंदगी से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जा सकता।”
स्वास्थ्य मंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि अब बार-बार वार्ता नहीं होगी। आवश्यकता पड़ने पर सरकार नई एजेंसी बहाल कर नए ड्राइवरों की नियुक्ति करने का निर्णय ले सकती है।
108 एंबुलेंस कर्मियों की प्रमुख मांगों पर क्या हुआ फैसला?
स्वास्थ्य मंत्री के साथ हुई बैठक में कर्मचारियों की कई प्रमुख मांगों पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
हटाए गए 20 कर्मचारियों की वापसी पर सहमति
108 एंबुलेंस सेवा से पूर्व में हटाए गए 20 कर्मचारियों को दोबारा काम पर रखने की मांग पर स्वास्थ्य मंत्री ने सहानुभूतिपूर्वक विचार किया। उन्होंने इन कर्मचारियों की पुनर्बहाली की मांग स्वीकार करने पर सहमति जताई।
दशहरा पर कर्मचारियों को मिलेगा भुगतान
त्योहार को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने आश्वासन दिया कि विभागीय अवकाश के बावजूद आवश्यक व्यवस्था करके कर्मचारियों का भुगतान दशहरा के अवसर पर सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि कर्मचारियों और उनके परिवारों को आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े।
छठ पूजा तक नई एजेंसी की बहाली की दिशा में कार्रवाई
108 एंबुलेंस सेवा के संचालन के लिए वर्तमान एजेंसी को बदलने की मांग पर भी सरकार ने अपना रुख स्पष्ट किया है। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि छठ पूजा तक नई एजेंसी को बहाल करने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी।
सरकार का उद्देश्य नई व्यवस्था के माध्यम से एंबुलेंस सेवा को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और व्यवस्थित बनाना है।
कर्मचारियों की शिकायतों के समाधान के लिए व्यवस्था
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि किसी भी ड्राइवर या कर्मचारी को समस्या होने पर वह संबंधित अधिकारियों और विभागीय प्रबंधन के समक्ष अपनी शिकायत रख सकता है। यदि वहां समाधान नहीं होता है, तो मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर स्वास्थ्य मंत्री स्वयं हस्तक्षेप करेंगे।
सिविल सर्जन के अधीन 108 सेवा चलाने की मांग खारिज
बैठक में कर्मचारियों की ओर से 108 एंबुलेंस सेवा का संचालन सिविल सर्जन के माध्यम से कराने की मांग भी रखी गई।
हालांकि, स्वास्थ्य मंत्री ने इस मांग को स्वीकार करने में असमर्थता जताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि मौजूदा प्रशासनिक और संचालन व्यवस्था में बड़े बदलाव किए बिना इसे लागू करना संभव नहीं है।
डॉ. अंसारी ने कहा कि सरकार कर्मचारियों की जायज मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने के लिए तैयार है, लेकिन हर मांग को स्वीकार करना प्रशासनिक और व्यावहारिक रूप से संभव नहीं होता।
स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही और दबाव की राजनीति बर्दाश्त नहीं: इरफान अंसारी
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। अस्पतालों में सुविधाओं का विस्तार, डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता तथा आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने कहा कि 108 एंबुलेंस सेवा जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवनरक्षक व्यवस्था है। ऐसे में बार-बार हड़ताल होने से आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं और आम लोगों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
मंत्री ने दो टूक कहा कि स्वास्थ्य विभाग जनता की सेवा के लिए है। विभाग में ब्लैकमेलिंग, लापरवाही या राजनीतिक दबाव के कारण मरीजों की सेवाओं से समझौता नहीं किया जाएगा।

नई एजेंसी में काम करने वाले कर्मचारियों को मिल सकता है अवसर
बैठक में स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव ने भी नई एजेंसी की बहाली को लेकर स्थिति स्पष्ट की।
उन्होंने कहा कि 108 एंबुलेंस सेवा के संचालन में सुधार के लिए नई एजेंसी की नियुक्ति की जाएगी। वर्तमान व्यवस्था में कार्यरत जो कर्मचारी नई एजेंसी के अंतर्गत काम करना चाहते हैं, उन्हें नियमानुसार अवसर दिया जा सकता है।
विभाग का उद्देश्य कर्मचारियों के हितों का ध्यान रखते हुए एंबुलेंस सेवा को निर्बाध बनाए रखना है।
बार-बार हड़ताल से सरकार की छवि प्रभावित: एनएचएम एमडी
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के प्रबंध निदेशक शशि प्रकाश झा ने भी एंबुलेंस कर्मियों की बार-बार होने वाली हड़ताल पर चिंता व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि लगातार हड़ताल से न केवल सरकार की छवि प्रभावित होती है, बल्कि आम जनता को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
शशि प्रकाश झा ने कर्मचारियों से अपील की कि वे अपनी समस्याओं का समाधान बातचीत के माध्यम से करें और स्वास्थ्य सेवाओं को बाधित करने से बचें।
सरकार का स्पष्ट संदेश, मरीजों की जिंदगी से नहीं होगा समझौता
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि राज्य सरकार कर्मचारियों के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। इसी कारण उनकी अधिकांश प्रमुख मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया गया है।
हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कर्मचारियों की मांगें स्वीकार करने के बाद भी यदि हड़ताल जारी रहती है और आम जनता को परेशानी होती है, तो सरकार नियमानुसार सख्त कदम उठाएगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, “जनता की सेवा में कोई समझौता नहीं होगा। 108 एंबुलेंस सेवा जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवनरक्षक व्यवस्था है। इसे किसी भी कीमत पर हड़ताल और दबाव की राजनीति का शिकार नहीं बनने दिया जाएगा।”
फिलहाल सरकार की ओर से कर्मचारियों की प्रमुख मांगों पर सहमति और नई एजेंसी की नियुक्ति को लेकर रुख स्पष्ट कर दिया गया है। अब देखना होगा कि सरकार के इन आश्वासनों के बाद एंबुलेंस कर्मचारी आंदोलन को लेकर क्या निर्णय लेते हैं।




