
Russia Ukraine War: रूस पर यूक्रेन का बड़ा ड्रोन हमला, सेंट पीटर्सबर्ग के तेल ठिकानों में आग, एक की मौत

St. Petersburg/Kyiv, October 18, 2026 | Abua News Jharkhand
रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में रविवार, 18 अक्टूबर 2026 को एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया। यूक्रेन की ओर से रूस के विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक ड्रोन हमले किए गए। इन हमलों के बाद रूस के प्रमुख औद्योगिक शहर सेंट पीटर्सबर्ग में तेल टर्मिनल, तेल भंडारण केंद्र और कई औद्योगिक प्रतिष्ठानों में आग लगने की खबर सामने आई है।
समाचार एजेंसी Associated Press और Reuters की रिपोर्टों के अनुसार, हमले में कम से कम एक व्यक्ति की मौत हुई है। Reuters की बाद की रिपोर्ट में सेंट पीटर्सबर्ग और आसपास के लेनिनग्राद क्षेत्र में 15 लोगों के घायल होने की जानकारी दी गई है।
रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने रातभर में 1,015 यूक्रेनी ड्रोन नष्ट किए। हालांकि, इस संख्या की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
सेंट पीटर्सबर्ग के तेल टर्मिनल में लगी आग
रविवार को हुए ड्रोन हमलों के बाद सेंट पीटर्सबर्ग के प्रमुख तेल निर्यात टर्मिनल और रुची ऑयल डिपो में आग लग गई।
सेंट पीटर्सबर्ग के गवर्नर अलेक्जेंडर बेग्लोव ने बताया कि हमलों के कारण तेल प्रतिष्ठानों के अलावा कुछ औद्योगिक गोदाम भी प्रभावित हुए। आग लगने की घटनाओं के बाद आपातकालीन सेवाओं और दमकल कर्मियों को मौके पर भेजा गया।
सेंट पीटर्सबर्ग रूस का एक प्रमुख बंदरगाह और औद्योगिक केंद्र है। यहां स्थित ऊर्जा प्रतिष्ठान तेल के भंडारण, परिवहन और निर्यात के लिए महत्वपूर्ण हैं।
ऐसे में इन सुविधाओं पर ड्रोन हमले रूस की ऊर्जा व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती माने जा रहे हैं। हालांकि, इन हमलों से तेल निर्यात को कितना वास्तविक नुकसान हुआ है, इसका विस्तृत आधिकारिक आकलन अभी सामने नहीं आया है।
रूस का दावा: रातभर में 1,015 ड्रोन गिराए
रूसी रक्षा मंत्रालय ने रविवार को कहा कि देश की वायु रक्षा इकाइयों ने रातभर चले अभियान में कुल 1,015 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए।
रूसी अधिकारियों के मुताबिक, ड्रोन हमलों का दायरा देश के कई क्षेत्रों के साथ क्रीमिया और काला सागर के आसपास तक फैला हुआ था।
इस आंकड़े को लेकर यह समझना जरूरी है कि 1,015 ड्रोन नष्ट किए जाने की संख्या रूस के रक्षा मंत्रालय का दावा है। इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
इस घटना को रूस पर युद्ध के दौरान हुए सबसे बड़े ड्रोन अभियानों में से एक बताया जा रहा है।
Ozon के लॉजिस्टिक्स केंद्र और VK के डेटा सेंटर पर भी असर
तेल प्रतिष्ठानों के साथ रूस की प्रमुख ई-कॉमर्स कंपनी Ozon का लॉजिस्टिक्स केंद्र भी प्रभावित हुआ।
कंपनी ने पुष्टि की कि सेंट पीटर्सबर्ग स्थित उसके लॉजिस्टिक्स केंद्र में आग लगी।
इसके अलावा रूस की इंटरनेट कंपनी VK ने बताया कि लेनिनग्राद क्षेत्र में उसके एक डेटा सेंटर पर ड्रोन हमला हुआ। कंपनी के अनुसार, हमले के बावजूद उसकी सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रहीं।
यूक्रेनी ड्रोन निर्माता Fire Point ने दावा किया कि यूक्रेनी सेना ने सेंट पीटर्सबर्ग के पास VK के डेटा सेंटर को निशाना बनाया।
इन घटनाओं से स्पष्ट होता है कि युद्ध में ऊर्जा प्रतिष्ठानों के साथ औद्योगिक और डिजिटल बुनियादी ढांचा भी प्रभावित हो रहा है।
नागरिकों की मौत और घायलों की संख्या
सेंट पीटर्सबर्ग के अधिकारियों ने शुरुआती जानकारी में एक व्यक्ति की मौत और पांच लोगों के घायल होने की पुष्टि की थी।
बाद में Reuters ने स्थानीय अधिकारियों के हवाले से बताया कि सेंट पीटर्सबर्ग और लेनिनग्राद क्षेत्र में कुल 15 लोग घायल हुए हैं।
इन हमलों के दौरान कुछ आवासीय इमारतों को नुकसान पहुंचने और हवाई सेवाओं के प्रभावित होने की भी खबरें सामने आईं।
लेनिनग्राद क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित होने की रिपोर्ट भी प्रकाशित हुई है।
यूक्रेन ने रूस पर ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले का आरोप लगाया
इस बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने आरोप लगाया कि रूस लगातार यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे को निशाना बना रहा है।
जेलेंस्की के अनुसार, रूस ने पिछले एक सप्ताह के दौरान यूक्रेन के ऊर्जा, तेल और गैस क्षेत्र पर 76 हमले किए।
उन्होंने कहा कि कई क्षेत्रों में बिजली से संबंधित प्रतिष्ठान प्रभावित हुए हैं और बड़ी संख्या में परिवारों को बिजली आपूर्ति की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
यूक्रेन का कहना है कि रूस के ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर उसके हमले रूसी कार्रवाई के जवाब में किए जा रहे हैं।
हालांकि, युद्ध के दौरान दोनों पक्षों द्वारा जारी सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि करना संभव नहीं होता।
ऊर्जा संघर्षविराम पर बढ़े सवाल
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 11 अक्टूबर को रूस और यूक्रेन के बीच ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले रोकने संबंधी सहमति की घोषणा की थी।
लेकिन इसके बाद भी दोनों देशों के ऊर्जा ठिकानों पर हमलों की खबरें सामने आई हैं।
यूक्रेन ने आरोप लगाया कि रूस ने उसके ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले जारी रखे, जिसके बाद उसने रूसी तेल सुविधाओं पर अपनी कार्रवाई फिर शुरू की।
इस घटनाक्रम के बीच अमेरिका और यूक्रेन के संबंधों में भी तनाव की खबरें हैं।
क्रेमलिन ने क्या कहा?
रूसी समाचार एजेंसी TASS के अनुसार, क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि रूस यूक्रेनी हमलों का जवाब व्यापक सैन्य कार्रवाई से दे रहा है।
उन्होंने दावा किया कि यूक्रेन की कार्रवाई से युद्ध की मौजूदा दिशा नहीं बदलेगी।
दूसरी ओर, यूक्रेन लगातार अपने क्षेत्र और ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर रूसी हमलों को रोकने की मांग कर रहा है।
वैश्विक तेल बाजार पर क्या असर पड़ सकता है?
रूस दुनिया के प्रमुख तेल उत्पादक और निर्यातक देशों में शामिल है। इसलिए उसके तेल टर्मिनलों और भंडारण सुविधाओं पर हमलों का अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार के लिए महत्व है।
यदि ऐसे हमलों से तेल की आपूर्ति या निर्यात लंबे समय तक बाधित होता है, तो इसका असर अंतरराष्ट्रीय बाजार पर पड़ सकता है।
हालांकि, 18 अक्टूबर के हमलों से तेल निर्यात कितना प्रभावित हुआ है, इसका स्वतंत्र रूप से सत्यापित आंकड़ा अभी उपलब्ध नहीं है।
निष्कर्ष: सेंट पीटर्सबर्ग में ड्रोन हमलों और तेल प्रतिष्ठानों में आग लगने की घटनाओं ने रूस-यूक्रेन युद्ध में एक नया तनाव पैदा किया है। रूस ने बड़ी संख्या में ड्रोन मार गिराने का दावा किया है, जबकि हमलों में नागरिकों के हताहत होने और औद्योगिक ढांचे को नुकसान पहुंचने की पुष्टि स्थानीय अधिकारियों ने की है। अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर दोनों देशों की अगली कार्रवाई और ऊर्जा प्रतिष्ठानों की सुरक्षा पर बनी हुई है।




