
झारखंड के 540 छात्रावासों में छात्रों को मिलेगा मुफ्त खाना, हर महीने भोजन के लिए ₹3000 देगी सरकार
25 हजार से अधिक विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ, दिसंबर तक एजेंसी चयन की प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य; नए साल से शुरू हो सकती है भोजन व्यवस्था

रांची। झारखंड के कल्याण विभाग के छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए राहत की खबर है। सरकार अब इन छात्रावासों में रहने वाले छात्रों के लिए भोजन की व्यवस्था शुरू करने जा रही है। योजना के तहत करीब 540 छात्रावासों में रहने वाले 25 हजार से ज्यादा विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलने की बात कही गई है।
सरकार प्रत्येक विद्यार्थी के भोजन के लिए हर महीने ₹3,000 की राशि उपलब्ध कराएगी। विभाग की ओर से सभी जिलों के उपायुक्तों को प्रक्रिया जल्द पूरी करने का निर्देश दिया गया है। लक्ष्य है कि दिसंबर के अंत तक प्रक्रिया पूरी कर ली जाए और दिसंबर के अंत या जनवरी 2027 से छात्रावासों में नियमित भोजन मिलना शुरू हो सके।
SC, ST और OBC छात्रों को मिलेगा लाभ
कल्याण विभाग के अधीन संचालित इन छात्रावासों में मुख्य रूप से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थी रहते हैं। अभी तक छात्रों को छात्रावास में रहने की सुविधा तो मिलती थी, लेकिन भोजन की व्यवस्था उन्हें खुद करनी पड़ती थी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद छात्रावास में रहने वाले पात्र विद्यार्थियों को नियमित भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।
अब जिला स्तर पर चुनी जाएगी एजेंसी
भोजन व्यवस्था के लिए एजेंसी के चयन की जिम्मेदारी अब जिला स्तर पर दी गई है। विभाग ने सभी जिलों को इसी महीने टेंडर प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है। एजेंसी का चयन होने के बाद भोजन व्यवस्था के लिए जरूरी राशि राज्य स्तर से जारी की जाएगी। चयनित एजेंसी पर छात्रों को नियमित और निर्धारित व्यवस्था के अनुसार भोजन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी होगी।
100 छात्रों पर 3 कर्मचारी
छात्रावास में भोजन व्यवस्था को संचालित करने के लिए विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी। हर 100 विद्यार्थियों पर तीन कर्मचारी रखे जाने का प्रावधान है।
इनमें एक मैनेजर, एक रसोइया और एक सफाई कर्मचारी शामिल होंगे। इन कर्मचारियों को अलग से मानदेय दिया जाएगा। भोजन तैयार करने से लेकर रसोई और साफ-सफाई की व्यवस्था तक की जिम्मेदारी इन्हीं कर्मचारियों के माध्यम से संचालित होगी।
दिन में तीन बार मिलेगा भोजन
नई व्यवस्था के तहत विद्यार्थियों को दिन में तीन बार खाना दिया जाएगा। इसमें सुबह का नाश्ता, दोपहर का भोजन और रात का खाना शामिल होगा। विभाग का कहना है कि एजेंसी के चयन की प्रक्रिया जिला स्तर पर होने से काम में तेजी आएगी। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित एजेंसी का चयन किया जाएगा और इसके बाद राज्य स्तर से भोजन के लिए राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
पहले राज्य स्तर पर होता था एजेंसी का चयन
कल्याण मंत्री चमरा लिंडा के अनुसार, छात्रावासों में भोजन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पहले से चल रही थी। शुरुआती व्यवस्था में एजेंसी का चयन राज्य स्तर से किया जाना था। इसके लिए टेंडर भी निकाला गया, लेकिन पर्याप्त एजेंसियों के शामिल नहीं होने के कारण टेंडर रद्द करना पड़ा। इसी वजह से योजना को लागू करने में देरी हुई। अब सरकार ने प्रक्रिया में बदलाव करते हुए एजेंसी चयन का काम जिलों को सौंप दिया है।
दिसंबर तक प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य
मंत्री चमरा लिंडा ने बताया कि भोजन व्यवस्था से जुड़ी प्रक्रिया दिसंबर तक पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद दिसंबर के अंत या अधिकतम जनवरी 2027 से छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों को नियमित भोजन उपलब्ध कराने की तैयारी है। जिला स्तर पर टेंडर और एजेंसी चयन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद छात्रों को भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था शुरू की जाएगी।




