
झारखंड में SIR के दौरान फर्जी प्रमाणपत्रों का खुलासा, 34 मतदाताओं और प्रज्ञा केंद्र संचालकों पर FIR
सारठ में 191 जाति और आवासीय प्रमाणपत्रों की हुई जांच, 34 दस्तावेज मिले संदिग्ध; एसडीओ स्तर के प्रमाणपत्र में भी मिली गड़बड़ी

देवघर: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के दौरान फर्जी दस्तावेजों का मामला सामने आया है। देवघर के सारठ प्रखंड में जाति और आवासीय प्रमाणपत्रों की जांच के दौरान कई दस्तावेज फर्जी पाए गए हैं। मामले में 34 मतदाताओं और प्रमाणपत्र तैयार करने वाले संबंधित प्रज्ञा केंद्र संचालकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है।
जानकारी के अनुसार, SIR की सुनवाई के दौरान कुछ मतदाताओं की ओर से प्रस्तुत जाति और आवासीय प्रमाणपत्रों पर संदेह हुआ। इसके बाद अंचल अधिकारी सह सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी के निर्देश पर प्रमाणपत्रों का सत्यापन कराया गया।
कुल 191 प्रमाणपत्रों की जांच की गयी, जिसमें 34 प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए। इनमें ज्यादातर प्रमाणपत्र नवादा पंचायत से जुड़े मतदाताओं के बताए जा रहे हैं।
मामला सामने आने के बाद सीओ के आदेश पर संबंधित 34 मतदाताओं और प्रमाणपत्र बनाने वाले प्रज्ञा केंद्र संचालकों के खिलाफ पत्थरड्डा थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है।
बताया गया कि 15 सितंबर को नवादा पंचायत सचिवालय में SIR के तहत मतदाताओं की सुनवाई चल रही थी। इसी दौरान पेश किए गए कुछ जाति और आवासीय प्रमाणपत्र संदिग्ध पाए गए। जांच में एक और गंभीर बात सामने आयी कि एसडीओ स्तर से जारी प्रमाणपत्रों में भी गड़बड़ी मिली है।
अब पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। फर्जी प्रमाणपत्र किसने तैयार किए और इनके इस्तेमाल में किन-किन लोगों की भूमिका रही, यह जांच के बाद स्पष्ट होगा।




