
झारखंड में मानसून सामान्य, फिर भी 9 जिलों में बारिश की कमी; आंकड़ों में दिखा बड़ा अंतर
10 सितंबर तक राज्य में सामान्य से सिर्फ 3% कम बारिश, 24 में से 9 जिले deficient श्रेणी में; एक सप्ताह में बारिश 46% कम दर्ज

रांची: राज्य में औसत बारिश सामान्य के करीब
झारखंड में इस मानसून अब तक बारिश का कुल आंकड़ा सामान्य के आसपास बना हुआ है, लेकिन जिलेवार स्थिति अलग-अलग है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 10 सितंबर तक के आंकड़ों के मुताबिक, 1 जून से 10 सितंबर के बीच राज्य में 852.3 मिमी बारिश दर्ज हुई है।
इस अवधि में सामान्य बारिश 882.2 मिमी होनी चाहिए थी। यानी राज्य में बारिश सामान्य से करीब 3% कम रही, जिसे IMD की सामान्य श्रेणी में रखा गया है। इसके बावजूद राज्य के कई जिलों में बारिश की कमी बनी हुई है।
24 जिलों में 9 की स्थिति कमजोर
IMD के आंकड़ों के अनुसार, 10 सितंबर तक झारखंड के 14 जिलों में सामान्य बारिश हुई, जबकि एक जिले में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गयी। वहीं 9 जिले deficient rainfall श्रेणी में रहे।
इससे साफ है कि पूरे राज्य का औसत आंकड़ा सामान्य होने के बावजूद सभी जिलों में बारिश का वितरण एक जैसा नहीं रहा। कुछ क्षेत्रों में पर्याप्त बारिश हुई, जबकि कई जिलों में कमी दर्ज की गयी।
सितंबर के पहले सप्ताह में भी कमजोर रही बारिश
4 से 10 सितंबर के बीच झारखंड में बारिश की स्थिति और कमजोर रही। इस दौरान राज्य में महज 31.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गयी, जबकि सामान्य बारिश 58.5 मिमी मानी जाती है।
यानी इस एक सप्ताह में बारिश सामान्य से 46% कम रही। इस दौरान राज्य के 8 जिले large deficient और 7 जिले deficient श्रेणी में दर्ज किये गये।
हालांकि सप्ताह के आखिरी दिनों में बारिश की गतिविधियों में कुछ तेजी देखने को मिली। IMD के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम और उससे जुड़े परिसंचरण के कारण झारखंड में बारिश की गतिविधि दोबारा बढ़ी।
सिर्फ औसत बारिश से नहीं समझी जा सकती स्थिति
किसी पूरे राज्य की औसत बारिश सामान्य होने से यह जरूरी नहीं कि हर जिले में बारिश की स्थिति भी सामान्य हो। किसी क्षेत्र में अधिक बारिश होने पर दूसरे इलाके में हुई कमी का असर राज्य के कुल औसत में कम दिखाई दे सकता है।
इसका सीधा असर स्थानीय स्तर पर खेती और जल उपलब्धता पर पड़ सकता है। जिन इलाकों में लंबे समय तक बारिश कम हुई है, वहां मिट्टी की नमी और जलस्रोतों की स्थिति का आकलन केवल राज्य के औसत आंकड़े से नहीं किया जा सकता।
मानसून की विदाई से पहले बारिश अहम
सितंबर के मध्य तक देश में भी मानसूनी बारिश का वितरण पूरी तरह समान नहीं रहा है। अब मानसून की वापसी की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना के बीच झारखंड में आने वाले दिनों की बारिश महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
राज्य में मौसमी बारिश का आंकड़ा भले ही सामान्य के करीब पहुंच गया हो, लेकिन 9 जिलों में बारिश की कमी यह बताती है कि मानसून की वास्तविक स्थिति समझने के लिए राज्य के औसत के साथ-साथ जिलेवार आंकड़ों पर भी नजर रखना जरूरी है।



