झारखंड में पांच खदानों का लीज रद्द, दोबारा होगी नीलामी; फॉरेस्ट क्लीयरेंस नहीं मिलने से अटका था उत्पादन
Subheadline: दो गोल्ड ब्लॉक, एक आयरन ओर और दो ग्रेफाइट खदानें शामिल; सीएम हेमंत सोरेन ने फिर से नीलामी की प्रक्रिया शुरू करने का दिया निर्देश

रांची: पांच खदानों का आवंटन रद्द
झारखंड सरकार ने लंबे समय से लंबित पांच खनन परियोजनाओं का लीज आवंटन रद्द कर दिया है। इनमें दो सोना खदान, एक लौह अयस्क खदान और दो ग्रेफाइट खदान शामिल हैं। इन परियोजनाओं में जरूरी फॉरेस्ट क्लीयरेंस और अन्य स्वीकृतियां नहीं मिलने के कारण तय समय में खनन और उत्पादन शुरू नहीं हो सका।
अब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इन खदानों की दोबारा नीलामी कराने का निर्देश दिया है। इन खदानों की नीलामी पहले इस्पात मंत्रालय के अधीन संचालित एमएसटीसी (MSTC) के प्लेटफॉर्म से हुई थी। अब इसी प्लेटफॉर्म पर लीज आवंटन रद्द किये जाने से संबंधित अधिसूचना भी जारी की गयी है।
यह अधिसूचना खान विभाग के संयुक्त सचिव जियाउल अंसारी ने जारी की है।
कंपनियां फैसले को चुनौती देने की तैयारी में
सरकार के फैसले के बाद संबंधित कंपनियों के प्रतिनिधियों ने कहा है कि वे इस मामले को माइनिंग ट्रिब्यूनल में चुनौती देंगे। कंपनियों का कहना है कि खदानों में देरी उनकी वजह से नहीं हुई, बल्कि सरकारी प्रक्रियाओं, एनओसी और फॉरेस्ट क्लीयरेंस में समय लगा।
परासी गोल्ड माइंस में नहीं शुरू हो सका उत्पादन
तमाड़ स्थित परासी गोल्ड एंड एसोसिएटेड मिनरल्स ब्लॉक का क्षेत्रफल 69.240 हेक्टेयर है। इसकी नीलामी 1 नवंबर 2017 को हुई थी और इसे रुंगटा माइंस लिमिटेड ने हासिल किया था।
कंपनी को 2 जनवरी 2021 तक खदान से उत्पादन शुरू करना था। लेकिन निर्धारित समय बीतने के बावजूद उत्पादन शुरू नहीं हो सका। इसके पीछे फॉरेस्ट क्लीयरेंस नहीं मिलना प्रमुख कारण बताया गया। लंबे समय तक मामला लंबित रहने के बाद राज्य सरकार ने इसका आवंटन रद्द कर दिया।
पहाड़ीदेहा गोल्ड ब्लॉक भी रहा लंबित
पश्चिमी सिंहभूम जिले में स्थित पहाड़ीदेहा गोल्ड ब्लॉक का क्षेत्रफल 272.651 हेक्टेयर है। इसकी नीलामी 26 अक्टूबर 2016 को हुई थी और इसे मैथन इस्पात लिमिटेड ने हासिल किया था।
निर्धारित अवधि में यहां भी खनन गतिविधियां शुरू नहीं हो सकीं। इस परियोजना में भी फॉरेस्ट क्लीयरेंस की समस्या सामने आयी।
सारंडा क्षेत्र का भनगांव आयरन ओर ब्लॉक
भनगांव आयरन ओर ब्लॉक पश्चिमी सिंहभूम के नोवामुंडी क्षेत्र में सारंडा वन प्रभाग के अंतर्गत आता है। वर्ष 2018 में झारखंड सरकार की ई-नीलामी के जरिये इस ब्लॉक का आवंटन साउथ-वेस्ट माइनिंग लिमिटेड को हुआ था।
साउथ-वेस्ट माइनिंग लिमिटेड JSW ग्रुप के स्वामित्व वाली खनन कंपनी है। इस ब्लॉक को भी फॉरेस्ट क्लीयरेंस और अन्य जरूरी एनओसी नहीं मिल सकी, जिसके कारण परियोजना आगे नहीं बढ़ पायी।
इन पांच खदानों का लीज आवंटन रद्द
| खदान | कंपनी | नीलामी की तारीख |
|---|---|---|
| पहाड़ीदेहा गोल्ड ब्लॉक, पश्चिमी सिंहभूम | मैथन इस्पात लिमिटेड | 26.10.2016 |
| परासी गोल्ड एंड एसोसिएटेड मिनरल्स, तमाड़ | रांची-रुंगटा माइंस लिमिटेड | 01.11.2017 |
| भनगांव आयरन ओर ब्लॉक, पश्चिमी सिंहभूम | साउथ-वेस्ट माइनिंग लिमिटेड | 28.06.2018 |
| डुलसुलमा ग्रेफाइट ब्लॉक, पलामू | टीम जियो रिसोर्सेज प्रा. लि. | 01.03.2019 |
| लेसलीगंज ग्रेफाइट ब्लॉक, पलामू | टीम जियो रिसोर्सेज प्रा. लि. | 01.08.2018 |
अब दोबारा होगी नीलामी
पांचों खदानों का आवंटन रद्द होने के बाद अब सरकार इन्हें फिर से नीलामी के जरिए आवंटित करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए MSTC प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे पहले भी इन खदानों की नीलामी इसी प्लेटफॉर्म के माध्यम से हुई थी।




