2026-28 के लिए IMA की 55 सदस्यीय राष्ट्रीय टीम में मिली जगह, महिला स्वास्थ्य और सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग के क्षेत्र में किए गए कार्यों को मिली राष्ट्रीय पहचान

रांची: इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के राष्ट्रीय चुनाव में झारखंड को बड़ी उपलब्धि मिली है। राज्य की प्रसिद्ध नेत्र रोग विशेषज्ञ और समाजसेवी डॉ. भारती कश्यप को आईएमए के सत्र 2026-2028 के लिए मानद संयुक्त सचिव (Honorary Joint Secretary) निर्विरोध निर्वाचित किया गया है। आईएमए के मुख्य चुनाव आयुक्त की ओर से जारी परिणामों के अनुसार, उन्हें आईएमए डॉ. एकेएन सिन्हा इंस्टीट्यूट के मानद संयुक्त सचिव की जिम्मेदारी दी गयी है।
डॉ. भारती कश्यप का चयन आईएमए की 55 सदस्यीय केंद्रीय राष्ट्रीय नेतृत्व टीम में हुआ है। राष्ट्रीय स्तर पर चुनी गयी प्रमुख महिला चिकित्सकों में झारखंड की डॉ. कश्यप के अलावा गुजरात की डॉ. मोना देसाई, दिल्ली की डॉ. नीलम लेखी और हरियाणा की डॉ. सुनीला सोनी शामिल हैं।
पहले भी राष्ट्रीय स्तर पर निभा चुकी हैं जिम्मेदारी
डॉ. भारती कश्यप इससे पहले वर्ष 2022 से 2024 तक आईएमए मुख्यालय के विमेंस डॉक्टर्स विंग की राष्ट्रीय सह-अध्यक्ष रह चुकी हैं। वर्तमान में वह आईएमए झारखंड विमेंस डॉक्टर्स विंग की अध्यक्ष के रूप में कार्य कर रही हैं।
ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर उनके अभियानों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। उन्होंने डब्ल्यूएचओ की रणनीति के अनुरूप विशेषज्ञ चिकित्सकों के सहयोग से कम लागत वाला ‘स्क्रीन-एंड-ट्रीट’ मॉडल विकसित किया। इसके तहत हाई-रिस्क महिलाओं की मौके पर जांच के साथ जरूरत पड़ने पर क्रायोथेरेपी के जरिए तत्काल उपचार किया जाता है।
2.7 लाख के लक्ष्य के मुकाबले करीब 6 लाख महिलाओं की स्क्रीनिंग
महिला स्वास्थ्य के क्षेत्र में उनके नेतृत्व में मई 2026 तक झारखंड में करीब 6 लाख महिलाओं की सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग की जा चुकी है। यह राज्य सरकार की ओर से निर्धारित 2.7 लाख के लक्ष्य से काफी अधिक है।
इसके अलावा राज्य के 14 सरकारी अस्पतालों को डिजिटल वीडियो कॉल्पोस्कोप और क्रायोथेरेपी यूनिट जैसी आधुनिक सुविधाओं से लैस कराने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। सरकारी चिकित्सकों को इन तकनीकों के इस्तेमाल के लिए प्रशिक्षण भी दिलाया गया।
वर्ष 2025 में आईएमए झारखंड विमेंस डॉक्टर्स विंग को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) का देश का पहला आधिकारिक ‘नॉन-फाइनेंशियल पार्टनर’ बनाए जाने में भी उनके प्रयासों को महत्वपूर्ण माना गया।
25 लाख से अधिक बच्चों की आंखों की जांच
महिला स्वास्थ्य और कैंसर स्क्रीनिंग के साथ डॉ. भारती कश्यप ने नेत्र चिकित्सा और दृष्टि सुरक्षा के क्षेत्र में भी लंबे समय तक काम किया है। उनके नेतृत्व में झारखंड के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 25 लाख से अधिक बच्चों की दृष्टि जांच का अभियान चलाया गया।
वर्ष 1996 में अविभाजित बिहार-झारखंड में पहला मरणोपरांत नेत्रदान और कॉर्निया प्रत्यारोपण कराने का श्रेय भी उन्हें दिया जाता है। कश्यप मेमोरियल आई बैंक के माध्यम से अब तक करीब 1100 मरीजों का सफल कॉर्निया ट्रांसप्लांट किया जा चुका है।
राष्ट्रीय स्तर पर स्वास्थ्य अभियानों को आगे बढ़ाने का संकल्प
नयी जिम्मेदारी मिलने पर डॉ. भारती कश्यप ने इसे देश की चिकित्सा बिरादरी की आवाज को और मजबूत करने का अवसर बताया। उन्होंने महिला स्वास्थ्य, सर्वाइकल कैंसर उन्मूलन और दूरदराज के इलाकों में आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने के अभियान को राष्ट्रीय स्तर पर और विस्तार देने की प्रतिबद्धता जतायी।
उनके राष्ट्रीय पद पर निर्विरोध निर्वाचन को झारखंड के चिकित्सा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

