SDM लोकेश बारंगे के नेतृत्व में औचक जांच; बुकिंग कार्यालय में 12 घरेलू और 6 छोटे सिलेंडर मिले, संचालक पर कार्रवाई की तैयारी

धनबाद: प्राइम गैस एजेंसी में अनियमितताओं की शिकायत के बाद प्रशासन ने औचक निरीक्षण किया। एसडीएम लोकेश बारंगे के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम ने एजेंसी के बुकिंग कार्यालय और भेलाटांड़ स्थित गोदाम की जांच की। इस दौरान तय मानकों से अधिक गैस स्टॉक और फायर सेफ्टी से जुड़ी कई कमियां सामने आईं। जांच के बाद प्रशासन ने एजेंसी संचालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिले की अन्य गैस एजेंसियों में भी इसी तरह औचक निरीक्षण किया जाएगा।
बुकिंग कार्यालय में मिले अतिरिक्त सिलेंडर
निरीक्षण के दौरान एजेंसी के बुकिंग कार्यालय में 12 घरेलू गैस सिलेंडर और 6 छोटे सिलेंडर ऐसे पाए गए, जिनका वहां अनधिकृत रूप से स्टॉक किया गया था। प्रशासन की टीम ने सिलेंडरों के रखरखाव और स्टॉक से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच की। अनियमितता सामने आने के बाद संबंधित एजेंसी प्रबंधन से जवाब मांगा जा रहा है।
गोदाम में तय क्षमता से काफी ज्यादा गैस
भेलाटांड़ स्थित गोदाम की जांच में भी बड़ी गड़बड़ी सामने आई। गोदाम की निर्धारित क्षमता 8,000 किलोग्राम है, जबकि निरीक्षण के दौरान वहां 12,758.88 किलोग्राम LPG स्टॉक मिला। यानी तय सीमा के मुकाबले गोदाम में काफी अधिक मात्रा में गैस रखी गई थी। प्रशासन ने इसे सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर मामला माना है।
फायर सेफ्टी मानकों का उल्लंघन

निरीक्षण के दौरान गोदाम में फायर सेफ्टी से जुड़े मानकों का भी पालन नहीं पाया गया। जांच टीम के सामने एजेंसी की ओर से फायर NOC भी प्रस्तुत नहीं किया जा सका। प्रशासन अब इन कमियों की विस्तृत जांच कर रहा है और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन को लेकर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
संचालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई
औचक निरीक्षण में सामने आई अनियमितताओं को लेकर गैस एजेंसी के संचालक के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रशासन यह भी जांच कर रहा है कि निर्धारित क्षमता से अधिक गैस स्टॉक करने और अनधिकृत सिलेंडर रखने के पीछे क्या वजह थी तथा इसके लिए जिम्मेदारी किस स्तर पर तय होती है।
अन्य गैस एजेंसियों की भी होगी जांच
इस कार्रवाई के बाद प्रशासन ने जिले की दूसरी LPG एजेंसियों को लेकर भी सख्ती के संकेत दिए हैं। अधिकारियों के अनुसार अन्य गैस एजेंसियों में भी औचक निरीक्षण किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गैस एजेंसियां निर्धारित स्टॉक सीमा, लाइसेंसिंग शर्तों और फायर सेफ्टी नियमों का पूरी तरह पालन करें।
सुरक्षा नियमों के पालन पर प्रशासन का जोर
LPG ज्वलनशील पदार्थ होने के कारण इसके भंडारण और वितरण में सुरक्षा मानकों का पालन बेहद जरूरी है। ऐसे में क्षमता से अधिक स्टॉक, अनधिकृत सिलेंडरों का भंडारण और फायर NOC का उपलब्ध नहीं होना प्रशासन के लिए गंभीर विषय है।
फिलहाल प्राइम गैस एजेंसी में मिली अनियमितताओं के आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ रही है और आने वाले दिनों में जिले की अन्य गैस एजेंसियों की जांच के दौरान भी सुरक्षा मानकों की विशेष निगरानी की जाएगी।

