हाईकोर्ट के आदेश के बाद JBVNL की कार्रवाई तेज; 12 फीट से नीचे और अव्यवस्थित केबल हटेंगे, पोल पर लगाने से पहले अनुमति जरूरी

रांची: राजधानी में बिजली के खंभों पर बेतरतीब तरीके से लगाए गए ऑप्टिकल फाइबर केबल के खिलाफ झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड यानी JBVNL की कार्रवाई लगातार जारी है। झारखंड हाईकोर्ट के आदेश के बाद गुरुवार, 20 अगस्त 2026 को अभियान के दूसरे दिन भी रांची के कई प्रमुख इलाकों में केबल काटकर हटाए गए।
JBVNL की टीम ने डंगराटोली, कांटाटोली, सर्कुलर रोड, हरमू हाउसिंग कॉलोनी, मेन रोड, लाला लाजपत राय चौक, खटंगा-खेलगांव रोड, पुराना विधानसभा क्षेत्र, हिनू मेन रोड, सिंह मोड़, हटिया, डुमरदग्गा, अरगोड़ा चौक, करमटोली और अशोक नगर समेत कई इलाकों में कार्रवाई की।
मुख्य सड़कों के बाद अब गली-मुहल्लों की बारी
बिजली निगम के मुताबिक अभियान को चरणबद्ध तरीके से चलाया जा रहा है। पहले चरण में मुख्य सड़कों और उनके आसपास बिजली के पोल पर लगे असुरक्षित एवं अनधिकृत केबल हटाए जा रहे हैं। इसके बाद कार्रवाई को रांची के गली-मुहल्लों तक ले जाया जाएगा। यानी अब केवल प्रमुख सड़कों तक सीमित कार्रवाई नहीं रहेगी, बल्कि शहर के अंदरूनी इलाकों में भी बेतरतीब तरीके से लगाए गए केबल हटाए जाएंगे।
12 फीट से नीचे केबल पर खास नजर
JBVNL अधिकारियों के अनुसार मुख्य पथ पर जमीन से 12 फीट से कम ऊंचाई पर गुजर रहे ऑप्टिकल फाइबर केबल को हटाने की कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ ही 12 फीट से अधिक ऊंचाई पर लगा केबल भी अगर अव्यवस्थित तरीके से बांधा गया है या सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं है, तो उसे भी हटाया जा सकता है।
कंपनियों को अब नियमों का पालन करना होगा
बिजली के पोल का इस्तेमाल करने वाली टेलीकॉम और इंटरनेट कंपनियों को अब JBVNL के निर्धारित नियमों और शर्तों का पालन करना होगा। किसी कंपनी या ऑपरेटर को पोल पर नया ऑप्टिकल फाइबर केबल लगाने से पहले बिजली विभाग से अग्रिम अनुमति लेनी होगी। केबल लगाने के बाद उसे खुले और बिखरे हुए रूप में नहीं छोड़ा जा सकेगा। निगम के निर्देश के मुताबिक केबल को व्यवस्थित तरीके से बंच में बांधना होगा और उस पर संबंधित कंपनी का टैग या पहचान भी लगानी होगी।
कार्रवाई का असर इंटरनेट सेवाओं पर भी
JBVNL की कार्रवाई के दौरान कई इलाकों में इंटरनेट सेवाएं भी प्रभावित हुईं। गुरुवार को Airtel, Sify, BSNL समेत कुछ अन्य कंपनियों के कनेक्शन बाधित होने की जानकारी सामने आई। कटे हुए फाइबर कनेक्शनों को दोबारा जोड़ने के लिए संबंधित कंपनियों की तकनीकी टीमें काम करती रहीं। कई उपभोक्ताओं को घंटों इंटरनेट सेवा का इंतजार करना पड़ा।
BSNL के हजारों ग्राहक प्रभावित होने की बात
BSNL झारखंड परिमंडल के मुख्य महाप्रबंधक विपुल अग्रवाल के मुताबिक पिछले दो दिनों में बड़ी संख्या में ग्राहक प्रभावित हुए हैं। उन्होंने बताया कि सेवा बाधित होने की समस्या को लेकर बिजली विभाग के अधिकारियों से बातचीत की कोशिश की जा रही है। BSNL की ओर से कटे हुए कनेक्शनों को जल्द बहाल करने का अनुरोध संबंधित विभाग से किया गया है। कंपनी का कहना है कि स्थायी समाधान के लिए बिजली विभाग के साथ समन्वय जरूरी है।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद तेज हुई कार्रवाई
JBVNL के अधीक्षण अभियंता डीएन साहू के अनुसार बिजली के खंभों पर अव्यवस्थित तरीके से बांधे गए ऑप्टिकल फाइबर केबल को हाईकोर्ट के निर्देश के तहत हटाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल एक-दो दिन की कार्रवाई नहीं है, बल्कि इसे लगातार चलाया जाएगा। पहले मुख्य सड़कों पर कार्रवाई की जाएगी और उसके बाद गली-मुहल्लों में भी असुरक्षित एवं अनधिकृत केबल हटाए जाएंगे।
अब पोल पर केबल लगाने से पहले लेनी होगी अनुमति
JBVNL का स्पष्ट संदेश है कि बिजली के खंभों का इस्तेमाल करने वाली कंपनियां बिना अनुमति के केबल नहीं लगा सकेंगी। केबल लगाने के बाद उसकी ऊंचाई, व्यवस्था और पहचान भी निर्धारित मानकों के अनुसार रखनी होगी।
ऐसे में आने वाले दिनों में रांची के उन इलाकों में भी कार्रवाई देखने को मिल सकती है, जहां बिजली के पोल पर बड़ी संख्या में खुले, झूलते या अव्यवस्थित केबल लगे हुए हैं। हालांकि, इस अभियान के साथ इंटरनेट कंपनियों के लिए अपने नेटवर्क को जल्द व्यवस्थित करना और उपभोक्ताओं की सेवाएं बाधित न हों, यह भी एक बड़ी चुनौती बनी रहेगी।

