JVVNL की कार्रवाई के दौरान कई कंपनियों के केबल हुए प्रभावित; हाईकोर्ट की सख्ती के बाद अनधिकृत और असुरक्षित तारों पर अभियान तेज

रांची: राजधानी में बिजली के खंभों पर लगे अनधिकृत और असुरक्षित केबल हटाने की कार्रवाई का असर इंटरनेट सेवाओं पर भी पड़ा। बुधवार को झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड यानी JBVNL की ओर से कई इलाकों में अभियान चलाया गया। इस दौरान अलग-अलग ऑपरेटरों के केबल प्रभावित होने से रांची के करीब 14 इलाकों में इंटरनेट सेवाएं बाधित रहीं।
दोपहर करीब एक बजे से शुरू हुई परेशानी का असर देर शाम तक कई जगहों पर देखने को मिला। BSNL, Airtel समेत कुछ अन्य ऑपरेटरों के ग्राहकों को इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या का सामना करना पड़ा। कुछ क्षेत्रों में Jio की सेवाएं भी प्रभावित हुईं।
कई इलाकों में घंटों ठप रहा इंटरनेट
बिजली विभाग की कार्रवाई के दौरान कुछ स्थानों पर इंटरनेट कंपनियों के फाइबर और केबल क्षतिग्रस्त हो गए। इसके चलते हरमू, कोकर, कांके रोड, मेन रोड, खेलगांव और कुसई चौक समेत कई इलाकों में इंटरनेट सेवा प्रभावित हुई। कई जगहों पर फाइबर इंटरनेट के साथ अन्य दूरसंचार सेवाओं पर भी इसका असर पड़ा। इंटरनेट बंद रहने से ऑनलाइन काम करने वाले लोगों, कारोबारियों और घरेलू उपभोक्ताओं को परेशानी हुई।
Airtel ने रात तक बहाल की सेवा
कंपनी सूत्रों के मुताबिक बिजली विभाग की ओर से चलाए जा रहे अभियान के दौरान कुछ इलाकों में Airtel के केबल क्षतिग्रस्त हुए थे। जानकारी मिलने के बाद कंपनी की तकनीकी टीम ने मरम्मत का काम शुरू किया।
कंपनी के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में सेवा बहाल करने के लिए टीमों को लगाया गया और कई इलाकों में रात करीब 8 बजे तक इंटरनेट सेवा बहाल कर दी गई। वहीं, Jio के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार बिजली के पोल पर कंपनी के केबल अनुमति के साथ लगाए गए हैं। कंपनी का कहना है कि कुछ स्थानों पर दूसरे ऑपरेटरों के केबल की वजह से समस्या हुई थी, जिसे रात करीब 10 बजे तक ठीक कर लिया गया।
हाईकोर्ट की सख्ती के बाद कार्रवाई तेज
बिजली के पोल पर बेतरतीब तरीके से लटक रहे टेलीकॉम, OFC और टीवी केबल को लेकर हाईकोर्ट की सख्ती के बाद बिजली निगम ने अभियान तेज किया है। कंपनियों को अपने केबल और उपकरणों को सुरक्षा मानकों के अनुरूप व्यवस्थित करने के लिए समय दिया गया था। यह समयसीमा अब समाप्त हो चुकी है। 16 अगस्त तक मानकों का पालन नहीं करने वाले केबलों को निगम अपने स्तर से हटाने की कार्रवाई कर रहा है।
निगम के मुताबिक, अनधिकृत केबल हटाने में आने वाला खर्च संबंधित कंपनी या एजेंसी से वसूला जाएगा।
पहले नोटिस, अब सीधे हटाए जा रहे केबल
JBVNL ने जून 2026 में ही संबंधित दूरसंचार कंपनियों को बिजली के पोल पर लगे केबलों को सुरक्षित और निर्धारित मानकों के अनुसार लगाने का निर्देश दिया था। इसके बाद हाईकोर्ट के स्वतः संज्ञान मामले के मद्देनजर 13 अगस्त को अंतिम नोटिस जारी किया गया था। तय समयसीमा समाप्त होने के बाद अब निगम ने अनधिकृत, कम ऊंचाई पर लगे और असुरक्षित केबल हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
रांची के कई प्रमुख इलाकों में अभियान
बुधवार को कार्रवाई के शुरुआती चरण में रांची के कई प्रमुख इलाकों से केबल हटाए गए। इनमें कुसई चौक, हरमू रोड, श्रद्धानंद रोड, कांके रोड, तुपुदाना, बूटी मोड़, मेन रोड, कोचा टोली, खेलगांव रोड, डिस्टिलरी पुल, कोकर, करमटोली और जगन्नाथपुर समेत कई क्षेत्र शामिल हैं। इसके अलावा डोरंडा, हिनू, डंगराटोली चौक, लालपुर, पुरुलिया रोड, मोरहाबादी, चिरौंदी और नामकुम में भी अनधिकृत और झूलते हुए केबल हटाने की कार्रवाई जारी है।
डोरंडा से नामकुम तक चलेगा अभियान
अभियान को कई विद्युत आपूर्ति प्रमंडलों में बांटा गया है। पहले चरण में रांची ईस्ट, वेस्ट, सेंट्रल, न्यू कैपिटल, डोरंडा और कोकर विद्युत आपूर्ति प्रमंडल को कार्रवाई की जिम्मेदारी दी गई है। रांची के अलावा खूंटी, गुमला, लोहरदगा और सिमडेगा में भी अनधिकृत और असुरक्षित केबल हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
सुरक्षा मानकों पर समझौता नहीं
बिजली निगम का कहना है कि पोल पर कम ऊंचाई पर या अव्यवस्थित तरीके से लगाए गए केबल सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं। इसलिए निर्धारित मानकों का पालन नहीं करने वाले केबलों को हटाने की कार्रवाई जारी रहेगी।
हालांकि, इस अभियान के दौरान इंटरनेट और दूरसंचार सेवाएं प्रभावित होने की समस्या भी सामने आई है। ऐसे में आने वाले दिनों में बिजली निगम और टेलीकॉम कंपनियों के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत होगी, ताकि अवैध केबल हटाने की कार्रवाई के साथ आम उपभोक्ताओं की इंटरनेट सेवाएं भी अनावश्यक रूप से प्रभावित न हों।

