सीतारामडेरा के 11 वर्षीय बच्चे और बिष्टुपुर की 28 वर्षीय नर्स में संक्रमण की पुष्टि; घर-घर सर्वे और लार्वा नष्ट करने का अभियान तेज

जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिले में डेंगू के दो नए मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। डेंगू के संक्रमण के लिहाज से संवेदनशील माने जाने वाले मौसम के बीच शहर में दो मरीजों में बीमारी की पुष्टि हुई है। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी के साथ-साथ मच्छरों के प्रजनन स्थलों को खत्म करने की कार्रवाई भी तेज कर दी है।
जिला निगरानी पदाधिकारी डॉ. असद के अनुसार, सीतारामडेरा के 11 वर्षीय बच्चे और बिष्टुपुर स्थित टाटा मेन अस्पताल के नर्सिंग हॉस्टल में रहने वाली 28 वर्षीय नर्स में डेंगू की पुष्टि हुई है। दोनों मरीजों का सोमवार से टाटा मेन अस्पताल में इलाज चल रहा है और डॉक्टरों की टीम उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
दो संदिग्ध मरीजों के सैंपल भी भेजे गए
स्वास्थ्य विभाग दो अन्य संदिग्ध मामलों की भी जांच कर रहा है। दोनों मरीजों के रक्त के नमूने पुष्टि के लिए महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के माइक्रोबायोलॉजी विभाग भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
प्रभावित इलाकों में घर-घर सर्वे
डेंगू के मामलों वाले इलाकों को प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन ने बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मियों को मैदान में उतारा है। स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर निरीक्षण करेंगे और उन स्थानों की पहचान करेंगे, जहां मच्छरों के पनपने की संभावना है। इसके बाद मच्छरों के लार्वा को नष्ट करने की कार्रवाई की जाएगी। डॉ. असद ने बताया कि जिन क्षेत्रों से डेंगू के मामले सामने आए हैं, वहां विशेष निगरानी की जा रही है। साथ ही संवेदनशील इलाकों में नियमित सर्विलांस भी जारी रखा गया है।
पानी जमा न होने देने की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से घर और आसपास पानी जमा नहीं होने देने की अपील की है। खास तौर पर कूलर, गमले, पुराने टायर और खुले कंटेनरों में जमा पानी को नियमित रूप से साफ करने की सलाह दी गई है, क्योंकि ऐसे स्थान डेंगू फैलाने वाले एडीज मच्छरों के लिए प्रजनन स्थल बन सकते हैं। विशेषज्ञों ने लोगों को साफ-सफाई बनाए रखने और जरूरत के अनुसार मच्छर भगाने वाले उपाय अपनाने की सलाह दी है।
जुलाई से अक्टूबर तक ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, जुलाई से अक्टूबर के बीच डेंगू का संक्रमण बढ़ने की आशंका रहती है। ऐसे में लोगों से सावधानी बरतने और बुखार समेत डेंगू से जुड़े लक्षण दिखाई देने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की गई है।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से जुलाई के बीच पूर्वी सिंहभूम में 4,000 से अधिक डेंगू टेस्ट किए गए। इनमें अब तक दो मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए प्रभावित इलाकों में लगातार निगरानी और रोकथाम के उपाय किए जा रहे हैं।
पूर्वी सिंहभूम में डेंगू के मामले
| वर्ष | मामले | मौतें |
|---|---|---|
| 2020 | 7 | — |
| 2021 | 38 | — |
| 2022 | 32 | — |
| 2023 | 1,264 | 6 |
| 2024 | 68 | — |
| 2025 | 98 | — |
| 2026* | 2 | — |
आंकड़े 12 अगस्त तक के बताए गए हैं।

