द्विदलीय समूह ने ‘Assuring the Future of Tibet Act’ पेश किया, तिब्बती प्रशासन को वैध प्रतिनिधि मानने का प्रस्ताव

वाशिंगटन। अमेरिका में तिब्बत के मुद्दे पर समर्थन को आगे भी जारी रखने के उद्देश्य से सीनेट में एक नया द्विदलीय विधेयक पेश किया गया है। सांसदों के एक समूह ने ‘Assuring the Future of Tibet Act’ (AFTA) नाम से यह प्रस्ताव रखा है। विधेयक का उद्देश्य 14वें दलाई लामा के बाद भी तिब्बत और तिब्बती लोगों के प्रति अमेरिकी समर्थन को जारी रखना है। प्रस्ताव में तिब्बती लोगों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व और उनके अधिकारों से जुड़े मुद्दों को अमेरिकी नीति में बनाए रखने पर जोर दिया गया है।
केंद्रीय तिब्बती प्रशासन को मान्यता देने का प्रस्ताव
प्रस्तावित विधेयक में केंद्रीय तिब्बती प्रशासन (CTA) को तिब्बती लोगों का वैध प्रतिनिधि और दलाई लामा की स्थापित शासन व्यवस्था की निरंतरता के रूप में मान्यता देने की बात कही गई है। इसके साथ ही अमेरिकी विदेश मंत्री को सिक्योंग और उनके प्रतिनिधियों के साथ उच्चस्तरीय संपर्क बनाए रखने का प्रस्ताव भी शामिल है।
संयुक्त राष्ट्र में पर्यवेक्षक दर्जे का समर्थन
विधेयक में संयुक्त राष्ट्र में केंद्रीय तिब्बती प्रशासन को पर्यवेक्षक का दर्जा दिलाने के प्रयासों का समर्थन करने की बात कही गई है। इसके अलावा तिब्बती लोगों के मानवाधिकार और आत्मनिर्णय के अधिकार के प्रति अमेरिका की प्रतिबद्धता दोहराने का भी प्रस्ताव है। यह विधेयक तिब्बत को लेकर अमेरिकी नीति में दीर्घकालिक समर्थन बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक पहल के तौर पर देखा जा रहा है।

