MMDR एक्ट के तहत मिले अधिकारों के बाद तेज हुआ अभियान। अब तक 221 मामले दर्ज, 323 वाहन जब्त; ड्रोन और खुफिया नेटवर्क से होगी निगरानी।

रांची: झारखंड में अवैध कोयला खनन और तस्करी के खिलाफ केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। नए अधिकार मिलने के बाद CISF ने राज्य के अलग-अलग कोयला क्षेत्रों में अभियान तेज करते हुए अब तक करीब 5,800 मीट्रिक टन अवैध कोयला जब्त किया है।
जब्त किए गए कोयले की अनुमानित कीमत करीब 3.50 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इसके अलावा कार्रवाई के दौरान 100 से अधिक अवैध कोयला साइटों को बंद या सील किया गया है। अधिकारियों के अनुसार आने वाले दिनों में यह अभियान और तेज किया जाएगा।
अवैध खनन रोकने के लिए बनेगी नई रणनीति
CISF के पूर्वी क्षेत्र के अतिरिक्त महानिदेशक सुधीर कुमार ने रांची पहुंचकर झारखंड के अधिकारियों के साथ बैठक की और अवैध कोयला कारोबार पर रोक लगाने के लिए आगे की रणनीति पर चर्चा की।
केंद्रीय स्तर से मिले निर्देशों के बाद राज्य में कोयला चोरी, अवैध खनन और तस्करी से जुड़े मामलों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। CISF का लक्ष्य कोयला क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह नियंत्रण लगाना है।
क्विक रिस्पॉन्स टीम और आधुनिक तकनीक से होगी निगरानी
अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाने के लिए कोयला क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। इसके तहत:
- क्विक रिस्पॉन्स टीमों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
- ड्रोन कैमरों से संवेदनशील इलाकों की निगरानी होगी।
- वाहनों की सघन जांच की जाएगी।
- पुलिस, जिला प्रशासन, खान विभाग और रेलवे के साथ मिलकर संयुक्त अभियान चलाया जाएगा।
इसके अलावा तीन स्तरीय खुफिया नेटवर्क को और मजबूत किया जाएगा, जिसमें स्थानीय सूचनाओं और डिजिटल रिपोर्टिंग सिस्टम की मदद ली जाएगी।
221 केस दर्ज, 323 वाहन जब्त
CISF की कार्रवाई में अब तक 221 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। वहीं 78 नए अवैध माइनिंग साइट भी चिन्हित किए गए हैं। अभियान के दौरान अवैध कारोबार में इस्तेमाल किए जा रहे कई वाहनों को जब्त किया गया है। इनमें ट्रक, टिपर, हाइवा, ट्रैक्टर, वैन, ट्रॉली, स्कूटी, मोटरसाइकिल और साइकिल समेत कुल 323 वाहन शामिल हैं।
रांची में हुई समीक्षा बैठक
रांची में CISF के अतिरिक्त महानिदेशक सुधीर कुमार ने बल के अधिकारियों के साथ सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। बैठक में कोयला क्षेत्रों की सुरक्षा, ऑपरेशन के दौरान आने वाली चुनौतियों और भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा हुई। उन्होंने अधिकारियों और जवानों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि राष्ट्रीय महत्व के प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए सतर्कता, बेहतर समन्वय और उच्च स्तर की कार्यकुशलता जरूरी है।
CISF ने संकेत दिए हैं कि आने वाले सप्ताहों में अवैध कोयला कारोबार के खिलाफ अभियान को और व्यापक बनाया जाएगा।

