जामताड़ा में साइबर ठगों पर बड़ी कार्रवाई: बैंक अधिकारी बनकर लाखों की ठगी करने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार

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केवाईसी अपडेट, एटीएम कार्ड बंद होने और खाता सत्यापन के नाम पर करते थे ठगी। पुलिस ने छह मोबाइल, आठ सिम, दो एटीएम कार्ड और बाइक बरामद की, देशभर में फैले नेटवर्क की जांच जारी।

जामताड़ा: झारखंड के साइबर अपराध के गढ़ माने जाने वाले जामताड़ा में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। जामताड़ा और मिहिजाम थाना क्षेत्र में संयुक्त छापेमारी कर पुलिस ने तीन साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी बैंक अधिकारी बनकर लोगों को झांसा देते थे और केवाईसी अपडेट, एटीएम कार्ड बंद होने तथा खाता सत्यापन के नाम पर लाखों रुपये की साइबर ठगी को अंजाम देते थे।

गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई

पुलिस अधीक्षक शंभू कुमार सिंह ने प्रेस वार्ता में बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर जामताड़ा थाना क्षेत्र के सोनबाद, पांडेडीह तथा मिहिजाम थाना क्षेत्र के बेवा गांव के समीप जंगल में संयुक्त छापेमारी की गई। इस कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

तीनों आरोपियों की पहचान

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान:

  • विक्रम दां (26 वर्ष), निवासी सोनबाद, थाना जामताड़ा
  • जय कुमार दास (23 वर्ष), निवासी पांडेडीह, थाना जामताड़ा
  • हेमंत दास (34 वर्ष), निवासी बेवा, थाना मिहिजाम

छापेमारी में क्या-क्या मिला?

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से:

  • 6 मोबाइल फोन
  • 8 सिम कार्ड
  • 2 एटीएम कार्ड
  • 1 मोटरसाइकिल
    बरामद की है। जब्त किए गए सभी डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है।

कैसे देते थे साइबर ठगी को अंजाम?

पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी खुद को बैंक अधिकारी बताकर लोगों को फोन करते थे। वे बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम कार्ड बंद होने, केवाईसी अपडेट कराने या बैंक खाता सत्यापन का बहाना बनाकर ग्राहकों से एटीएम कार्ड नंबर, ओटीपी, सीवीवी और अन्य गोपनीय बैंकिंग जानकारी हासिल कर लेते थे। इसके बाद खातों से रकम निकालकर साइबर ठगी को अंजाम देते थे।

जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह Amazon Pay ऐप के माध्यम से मोबाइल नंबर जुटाता था। इसके बाद ई-वॉलेट एक्टिवेशन और केवाईसी अपडेट के नाम पर लोगों को झांसा देकर बैंकिंग जानकारी हासिल की जाती थी और उनके खातों से पैसे उड़ा लिए जाते थे।

देशभर में फैले नेटवर्क की जांच

इस मामले में साइबर थाना में कांड संख्या 48/26 दर्ज किया गया है। साइबर डीएसपी अमित कुमार के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने थाना प्रभारी राजेश मंडल के नेतृत्व में यह कार्रवाई की। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है।

एसपी ने आशंका जताई कि गिरोह का नेटवर्क केवल झारखंड तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के कई राज्यों तक फैला हो सकता है। पूछताछ और डिजिटल फॉरेंसिक जांच के बाद साइबर सिंडिकेट के अन्य सदस्यों तक पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है।

लोगों से पुलिस की अपील

एसपी शंभू कुमार सिंह ने आम लोगों से अपील की कि किसी भी अनजान कॉल पर ओटीपी, एटीएम कार्ड नंबर, सीवीवी, बैंक खाता विवरण या केवाईसी से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। यदि कोई व्यक्ति बैंक अधिकारी बनकर ऐसी जानकारी मांगता है तो तुरंत सतर्क रहें और इसकी सूचना साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस थाने को दें।

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।

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